प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया एनर्जी वीक’ (IEW) 2026 के अवसर पर वैश्विक ऊर्जा दिग्गजों के साथ एक उच्च स्तरीय गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की। इस 9वीं पीएम राउंडटेबल मीटिंग में उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर पेश की और दुनिया की शीर्ष कंपनियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया।
पीएम मोदी ने वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) को संबोधित करते हुए भारत को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत विकास की एक स्थिर और मजबूत कड़ी है।
निवेश की अपार संभावनाएं
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की विशाल संभावनाओं का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि अकेले एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन में लगभग 100 बिलियन डॉलर के निवेश की गुंजाइश है। इसके अलावा, रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल में 87 बिलियन डॉलर और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में 72 बिलियन डॉलर के निवेश के अवसर मौजूद हैं।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण संवाद में TotalEnergies, bp, Vitol, Vedanta, ReNew और Trafigura जैसी 27 वैश्विक और भारतीय कंपनियों के CEOs ने हिस्सा लिया।
दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा मांग और आपूर्ति के संतुलन को बनाए रखने में भारत की भूमिका अब निर्णायक होगी।
उन्होंने अपनी बात को पुख्ता करते हुए बताया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए 40 देशों से आयात करता है और 18 विभिन्न स्रोतों से LNG मंगा रहा है। वहीं दूसरी ओर, भारत 150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी कर रहा है, जो इसकी बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
बैठक में मौजूद वैश्विक CEOs ने भारत की आर्थिक नीतियों और विकास की गति पर गहरा विश्वास जताया। उन्होंने भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने और निवेश को और गहरा करने की इच्छा व्यक्त की। पीएम मोदी ने अंत में नवाचार और सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि भारत पूरी एनर्जी वैल्यू चेन में दुनिया के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।





