ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर बोले पीएम मोदी, 22 मिनट में ढेर किए आतंकी ठिकाने

इस मानसून सत्र में जहां विपक्ष सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट संदेश है कि सरकार देशहित से जुड़े हर मुद्दे पर खड़ी है और हर चुनौती का जवाब देने को तैयार है।
PM Modi

पीएम मोदी का संबोधन

संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पत्रकारों को संबोधित किया और देश के सामने ऑपरेशन सिंदूर, नक्सलवाद, आर्थिक प्रगति और वैज्ञानिक उपलब्धियों जैसे अहम मुद्दों पर सरकार के रुख को स्पष्ट किया। अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा कि यह सत्र केवल कानून निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र के आत्मगौरव और विकास का प्रतीक है।

22 मिनट में पूरी हुई कार्रवाई

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय सेना ने दुश्मन के घर में घुसकर मारा। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पूरी तरह सफल बताया। उन्होंने कहा,
“हमने यह सिद्ध किया है कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करता है। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी आकाओं के ठिकानों को सिर्फ 22 मिनट में ध्वस्त कर दिया गया।” उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्रवाई में ‘मेड इन इंडिया’ सैन्य उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया गया, जिससे भारत की रक्षा क्षमताओं और तकनीकी आत्मनिर्भरता की ताकत का दुनिया को प्रमाण मिला है।

मानसून सत्र बना राष्ट्र का ‘विजयोत्सव’

पीएम मोदी ने इस बार के मानसून सत्र को ‘राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण’ और विजयोत्सव की संज्ञा दी। उन्होंने कहा- “यह सत्र केवल संसद की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारत की उपलब्धियों और आत्मविश्वास का उत्सव है। पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत का तिरंगा लहराया है, जो वैज्ञानिक और नवाचार की दुनिया में हमारी नई उड़ान का प्रतीक है।” उन्होंने देशवासियों से अपेक्षा जताई कि वे इस गौरव का अनुभव साझा करें और इस उपलब्धि को गर्व से देखें।

नक्सलवाद-माओवाद का तेजी से खात्मा

प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद पर सरकार की रणनीति और प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश अब नक्सलवाद और माओवाद की जंजीरों से मुक्त हो रहा है। “बम, बंदूक और पिस्तौल के सामने भारत का संविधान विजयी हो रहा है। जो क्षेत्र पहले ‘रेड कॉरिडोर’ कहे जाते थे, आज वे ‘ग्रीन ग्रोथ जोन’ बन गए हैं।” उन्होंने दावा किया कि सैकड़ों जिले अब शांति और विकास की राह पर हैं और यह सरकार के मूलभूत परिवर्तनकारी नीतियों का परिणाम है।

तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-“2014 से पहले भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10वें स्थान पर था। आज भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। यह उपलब्धि न केवल सरकार की नीतियों, बल्कि देशवासियों की मेहनत का प्रतिफल है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सत्र ‘नीति निर्माण से आगे जाकर, भारत के वैश्विक नेतृत्व को सशक्त बनाने का मौका’ है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आत्मविश्वास भरी चाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन ने साफ कर दिया है कि सरकार संसद के इस सत्र को राष्ट्र निर्माण और आत्मसम्मान की दिशा में निर्णायक कदम मान रही है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक बढ़त, वैज्ञानिक उपलब्धियां और आर्थिक आत्मनिर्भरता, इन सभी पर मोदी सरकार आत्मविश्वास से भरी दिख रही है।

इस मानसून सत्र में जहां विपक्ष सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट संदेश है कि सरकार देशहित से जुड़े हर मुद्दे पर खड़ी है और हर चुनौती का जवाब देने को तैयार है।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews