पहलगाम हमले की पहली बरसी पर पीएम मोदी का कड़ा रुख, बोले- आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा भारत

आज पहलगाम हमले की पहली बरसी है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद के प्रति कड़ा रुख अपनाते दिखाई दिए। उन्होंने साफ शब्दों में यह बोल दिया है कि किसी भी आतंकी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
PM Modi

22 अप्रैल 2025 वही दिन है जब जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। आज हमले की पहली बरसी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मृतकों के प्रति अपने संवेदना जताते हुए देखा गया।

पीएम मोदी ने केवल मृतकों और उनके परिवार के प्रति संवेदना ही नहीं जताई है बल्कि आतंकवाद को कड़ी चुनौती भी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में यह बोल दिया है कि निर्दोष लोगों की मौत भुलाई नहीं जा सकती और आतंकियों की नापाक मंसूबे कभी भी कामयाब नहीं होंगे।

पहलगाम हमले की बरसी पर क्या बोले PM

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा “पिछले साल इस दिन पहलगाम में भयावह आतंकी हमले में लोगों की जान चली गई थी उन्हें याद कर रहा हूं। उन्हें कभी बुलाया नहीं जा सकता। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है। एक राष्ट्र के रूप में हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट है। भारत किसी भी रूप में आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा। आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी भी कामयाब नहीं होंगे।” पीएम मोदी ने साफ शब्दों में बोल दिया है कि आतंकी साजिश कभी सफल नहीं होगी और देश मजबूती से उनका सामना करेगा।

हिल गया था पूरा देश

पहलगाम में हुई इस घटना ने पूरे देश का दिल दहला दिया था। कई परिवार ऐसे थे जो उजड़ गए। किसी ने अपना पति, किसी ने भाई और बेटा खो दिया। पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए गए थे। पीड़ित परिवारों के दिल में आज भी यह घटना किसी तीर की तरह चुभी हुई है। बता दें कि इस हमले के कुछ दिन बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। जिसमें पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया था।

घाटी में सुरक्षा कड़ी

पहलगाम हमले की पहली बरसी को देखते हुए घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसी अलर्ट पर है और पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा मजबूत कर दी गई है। आसपास के इलाकों और जंगलों में सर्च ऑपरेशन तेजी से चलाए जा रहे हैं। घुसपैठ की कोई भी साजिश समय रहते नाकाम की जा सके इसके लिए सेना और एजेंसियां अलर्ट पर है।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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