PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, लॉकडाउन पर हो सकती है चर्चा

PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, लॉकडाउन पर हो सकती है चर्चा

नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime MInister Narendra Modi) कोरोना वायरस संकट (Corona Virus) को लेकर फिर सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे| प्रधानमंत्री मोदी लॉकडाउन 3.0 (Lockdown-3) के बाद बने हालात पर मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे| मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम की यह मीटिंग सोमवार को दोपहर बाद 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी.
नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस संकट को लेकर फिर सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे| इस बैठक में लॉकडाउन (Lockdown) पर चर्चा हो सकती है| मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम की यह मीटिंग सोमवार को दोपहर बाद 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी|

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस संबंध में जानकारी देते हुए लिखा- “पीएम नरेंद्र मोदी कल दोपहर को तीन बजे राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करेंगे. राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ यह प्रधानमंत्री की 5वीं बैठक है,”

इस मीटिंग में देश में कोरोना वायरस से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण 17 मई तक है। ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में लॉकडाउन पर आगे की रणनीति तय की जाएगी| राज्यों मुख्यमंत्रियों से चर्चा के बाद लॉक डाउन आगे बढ़ाने या न बढ़ने को लेकर पीएम फैसला ले सकते हैं|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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