
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 को संबोधित करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पीएम मोदी ने रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर जोर देते हुए कहा कि भारत वैश्विक मंदी से दुनिया को बाहर निकालने की स्थिति में है। उन्होंने घोषणा की कि इस दीवाली तक जीएसटी सुधार पूरे हो जाएंगे, जिससे कर व्यवस्था सरल होगी, विनिर्माण और मांग बढ़ेगी और जीवनयापन व कारोबार में आसानी होगी।
पीएम मोदी ने सरकार के सुधारवादी दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि 60 साल बाद नया आयकर विधेयक पेश किया गया है, जो आम लोगों के लिए सरल भाषा में है। उन्होंने बताया कि मॉनसून सत्र में विपक्ष के व्यवधानों के बावजूद जन विश्वास बिल 2.0 पारित हुआ, जो विश्वास-आधारित और जन-केंद्रित शासन से जुड़ा एक बड़ा सुधार है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि भारत की बैंकिंग प्रणाली पहले से कहीं अधिक मजबूत है, मुद्रास्फीति कम है, ब्याज दरें नियंत्रित हैं और विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर है।
नौकरियों का सृजन
प्रधानमंत्री ने जून में ईपीएफओ में 24 लाख से अधिक औपचारिक नौकरियों के सृजन का उल्लेख किया और कहा कि भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 2017 के बाद सबसे निचले स्तर पर है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष के अंत तक पहला स्वदेशी चिप बाजार में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही, उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को विकसित भारत 2047 की नींव बताया और खेल अर्थव्यवस्था में भारत को अग्रणी बनाने की बात कही।
विकास में तेजी लाने की आवश्यकता
पीएम मोदी ने अनुसंधान और विकास में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया और निजी क्षेत्र से क्वांटम प्रौद्योगिकी, बायोटेक्नोलॉजी, स्वच्छ ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का सुधारवादी दृष्टिकोण वैश्विक आर्थिक मंदी को पार करने में मदद करेगा और भारत न केवल अवसरों का लाभ उठाएगा, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाएगा।
