World Lion Day : हर साल 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस मनाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण दिन है जो शेरों की संरक्षण, उनके प्राकृतिक वातावरण में सहयोग और उनके बचाव की जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग शेरों के महत्व को समझते हैं। इस दिन विभिन्न जागरूकता प्रयासों, समर्पण और कार्यक्रमों के माध्यम से लोग शेरों के संरक्षण के महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करते हैं। चलिए इस खास मौके पर जानें हैं इसका इतिहास और भी रोचक तथ्यें…

PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

इस मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सभी को बधाईंयां दी है। दरअसल, पीएम मोदी ने लिखा, विश्व शेर दिवस एक ऐसा अवसर है जब राजसी शेरों का जश्न मनाया जाता है। इसकी ताकत हमारे दिलों को छू जाती है। एशियाई शेरों का घर होने पर भारत को गर्व है। पिछले कुछ सालों में भारत में शेरों की आबादी में वृद्धी हुई है। मैं शेरों के आवास की रक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों की सराहना करता हूं। हम उन्हें संजोना और उनकी रक्षा करना जारी रखें, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए फलते-फूलते रहें।

 

भारत में पाए जानें वाले प्रजाति

बता दें कि एशिया में सबसे ज्यादा शेर भारत में ही पाया जाता है। भारत में एशियाई शेर सबसे बड़ी प्रजातियों में से एक है। इसके अलावा, भारत में अन्य प्रमुख बड़े प्राणियों में से चार प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं..
  • रॉयल बंगाल टाइगर
  • इंडियन लेपर्ड
  • क्लाउडेड लेपर्ड
  • स्नो लेपर्ड

विश्व शेर दिवस का इतिहास

विश्व शेर दिवस की शुरुआत साल 2013 में डेरेक और बेवर्ली जौबर्ट द्वारा की गई थी जो बिग कैट रेस्क्यू नामक संगठन के सह-संस्थापक थे। उन्होंने विश्व शेर दिवस की शुरुआत की थी जो शेरों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने का उद्देश्य रखता है। इसके माध्यम से उन्होंने शेरों के महत्व को प्रमोट किया और उनके संरक्षण के प्रति लोगों की सहयोगीता को बढ़ावा देने का प्रयास किया। दोनों पति-पत्नी ने शेरों की रक्षा के लिए नेशनल ज्योग्राफिक सोसायटी और बिग कैट इनिशिएटिव को एक ही बैनर तले लाने की शुरूआत की। तभी से हर साल 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस के रुप में मनाया जाने लगा।