प्रधानमंत्री मोदी ने बीरभूम में TMC पर बोला हमला, पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों को बाहर कर कानून-व्यवस्था सुधारने का किया वादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां कीं और टीएमसी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने घुसपैठ, कानून-व्यवस्था की बदहाली और राष्ट्रपति के अपमान जैसे मुद्दों पर टीएमसी को घेरा, साथ ही भाजपा सरकार बनने पर निर्णायक कार्रवाई का वादा किया। मोदी ने कहा कि राज्य में परिवर्तन की आंधी आ रही है और भाजपा ही लोगों को भयमुक्त समाज दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बीरभूम में TMC पर बोला हमला, पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों को बाहर कर कानून-व्यवस्था सुधारने का किया वादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल में लगातार तीन चुनावी रैलियां कीं। इनमें हल्दिया, आसनसोल और बीरभूम की रैलियां शामिल थीं, जहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखे हमले बोले। हल्दिया में उन्होंने जनता को विकास की गारंटी दी, जबकि आसनसोल में टीएमसी के ‘पापों’ का हिसाब लेने की चेतावनी दी। वहीं, बीरभूम की रैली में प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर सबसे बड़ा हमला बोला, जहां उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति को भयावह बताया और बदलाव का आह्वान किया।

बीरभूम की ऐतिहासिक धरती से प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह वही धरती है जिसने संथाल क्रांति को ऊर्जा दी थी और आज उसी बीरभूम में परिवर्तन की आंधी नजर आ रही है। मोदी ने अपने सामने मौजूद विशाल जनसागर को ‘परिवर्तन की घोषणा’ करने वाला बताया। उन्होंने गुरुदेव रबींद्र नाथ टैगोर के उस समाज की कल्पना का जिक्र किया जहां हर कोई भयमुक्त हो, लेकिन आरोप लगाया कि टीएमसी के ‘गुंडाराज’ ने इसे एकदम उल्टा कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने टीएमसी के ‘मां, माटी और मानुष’ के नारे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टीएमसी हमेशा इन तीन शब्दों की बात करती है, लेकिन उनके राज में ‘मां रो रही है’, ‘माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है’ और ‘मानुष भयभीत, डरा हुआ और सहमा हुआ है’। मोदी ने जोर देकर कहा कि इस भयावह स्थिति को बदलने के लिए अब निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।

घुसपैठ पर प्रधानमंत्री का सीधा हमला और बीजेपी का वादा

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर टीएमसी सरकार को सीधे घेरा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का एक संगठित सिंडिकेट घुसपैठियों को फर्जी सरकारी दस्तावेज दिलाने में मदद कर रहा है। मोदी के मुताबिक, यह सिर्फ राज्य की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है।

प्रधानमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ के खिलाफ विशेष जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घुसपैठियों के हर मददगार की पहचान की जाएगी, चाहे वह कितना ही ताकतवर क्यों न हो। मोदी ने वादा किया कि दोषियों को जेल भेजा जाएगा और राज्य में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। यह बयान घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा की दृढ़ नीति को दर्शाता है।

कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

प्रधानमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने रामपुरहाट और मालदा की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल में हालात ऐसे हो गए हैं कि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों तक को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को इस डर से मुक्ति दिलाना बेहद जरूरी है, ताकि वे बिना किसी भय के अपना जीवन जी सकें और न्याय की उम्मीद कर सकें।

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने आरजी कर दुष्कर्म मामले को भी अपने संबोधन में उठाया। यह गौरतलब है कि भाजपा ने आरजी कर मामले की पीड़िता की मां को पानीहाटी विधानसभा से उम्मीदवार बनाया है। प्रधानमंत्री ने इस मामले का जिक्र कर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की स्थिति पर सवाल उठाए, और भाजपा के इस कदम को महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक प्रतीक के तौर पर पेश किया।

राष्ट्रपति के सम्मान पर टीएमसी को घेरा

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के सम्मान के मुद्दे पर भी टीएमसी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति, यानी राष्ट्रपति को उचित सम्मान देना हर सरकार की जिम्मेदारी होती है। लेकिन, उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने ऐसा नहीं किया। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति एक आदिवासी समाज से आती हैं और एक महिला भी हैं, ऐसे में उनके पद का अपमान आदिवासी समाज और देश की सभी महिलाओं का अपमान है। उन्होंने टीएमसी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की आज की रैलियां पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावी अभियान को धार देने वाली थीं। उन्होंने विकास के साथ-साथ राज्य की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सम्मान जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया, और टीएमसी सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश की।

Ankita Chourdia
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