राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बोलीं प्रियंका, जज तय नहीं करेंगे कौन सच्चा भारतीय है कौन नहीं?

भारतीय सैनिकों की पिटाई और चीन के कब्जे वाले बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा- "आपको कैसे पता चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है? इस जानकारी का स्रोत क्या है? क्या आपके पास क्या ठोस सबूत है? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कह सकते।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा भारत की सेना के लिए दिए गए अमर्यादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख़ टिप्पणी के बाद से देश की सियासत उबाल पर है, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के समर्थन में खड़े होकर उनका बचाव कर रहे हैं, अब उनकी बहन प्रियंका गांधी भी भाई के बचाव में आ गई है, उन्होंने न्यायपालिका को लेकर बड़ा बयान दिया है।

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कौन सच्चा भारतीय है कौन नहीं है मुझे लगता है कि ये न्यायपालिका के दायरे में नहीं आता, कोई जज ये तय नहीं कर सकते, ये मैं न्यायपालिका के प्रति पूरे आदर के साथ कह रही हूँ।

प्रियंका का आरोप ये सब सरकार करा रही 

प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा सेना का आदर किया है सम्मान किया है उनके दिल में सेना के प्रति, सैनिकों के प्रति, अफसरों के प्रति पूरा सम्मान है वो अपने हर भाषण में ये बात कहते भी हैं। प्रियंका ने कहा नेता प्रतिपक्ष का कर्तव्य ही यही है कि सरकार से सवाल किया जाये , इसलिए वे अपना कर्तव्य निभाते हैं सरकार को ये सब पसंद नहीं है इसलिए वो ये सब कराते हैं।

सदन स्थगित करने, SIR के मुद्दे पर सरकार को घेरा

संसद नहीं चलने पर सरकार को घेरते हुए प्रियंका गांधी ने कहा सदन क्यों नहीं चला रहे, क्या ये बहुत मुश्किल है? सबसे बात करें, क्या इतने दुर्बल हो गए हैं कि इनसे सदन नहीं चल पा रहा? और हमें रोज ये सब करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा SIR पूरे देश में करा रहे हैं ये देश का मुद्दा है आपने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की SIR पर भी करिए, देश को सुनने दीजिये इसमें घबराहट क्यों है?

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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