प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज से भड़के राहुल गांधी, पीएम मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा

राहुल गांधी ने कहा हमने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की। लेकिन लोकसभा स्पीकर ने कहा है कि चर्चा करवाने के लिए उन्हें सरकार से 'परमिशन' लेनी होगी।
Rahul Gandhi

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नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर जंतर मंतर पर जारी प्रोटेस्ट कल 20 जुलाई को उग्र प्रदर्शन में बदल गया, संसद मार्च के आह्वान के चलते हजारों की संख्या में विद्यार्थी और CJP के समर्थन में जुटे लोग संसद की तरफ बढ़े, बिना अनुमति प्रदर्शन और प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन कुछ देर में ही आंदोलन उग्र हो गया, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, प्रदर्शनकारियों की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई, पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी, पूरे घटनाक्रम में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए, अब इस मुद्दे पर सियासत और तेज हो गई है।

विपक्षी दल दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बता रहे हैं और इसे प्रधानमंत्री मोदी के इशारे पर की गई कार्रवाई कह रहे हैं, हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी ने आज NDAसंसदीय दल की बैठक में कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने तत्काल एक्शन लिया, 13 दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, उन्होंने सभी दलों से इस मामले पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग की अपील भी की है।

पीएम मोदी के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार 

लेकिन राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की बात से इत्तेफाक नहीं रखते, मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज की निंदा की , उन्होंने कहा देश के युवाओं के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए। उनके पास कोई मौका नहीं है, सारे रास्ते बंद हैं, सिर्फ़ कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम का रास्ता खुला है और उसे भी बर्बाद कर दिया गया है।

अंबानी,अडानी, RSS का एजुकेशन सिस्टम पर कब्ज़ा

राहुल गांधी ने कहा यहाँ मौजूद छात्र सिर्फ़ एजुकेशन सिस्टम के बारे में ही नहीं बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी शिकायत कर रहे हैं। वे अंबानी, अडानी और RSS के एजुकेशन सिस्टम पर पूरी तरह कब्ज़ा करने की वजह से शिकायत कर रहे हैं। यह युवाओं के भविष्य का मामला है।

छात्र कह रहे हैं कि भारत में उनका कोई भविष्य नहीं 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा स्टूडेंट्स अंबानी की शादी और वहां खर्च हुए 1000 करोड़ रुपये को देखते हैं जबकि उनके पास अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे नहीं हैं। यह मामला एजुकेशन से कहीं बड़ा है। भारत के छात्र कह रहे हैं कि भारत में उनका कोई भविष्य नहीं है उनकी बात सही है। राहुल गांधी ने कहा सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान ही नहीं स्टूडेंट्स को पीटने वाले गृह मंत्री अमित शाह और वो जिनको रिपोर्ट करते हैं प्रधानमंत्री मोदी को भी इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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