केरल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। तमाम राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और जोर-शोर से प्रचार-प्रसार में जुटे हैं। इसी चुनावी गहमागहमी के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंगलवार को केरलम के दौरे पर थे। उन्होंने एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी जंग का जिक्र करते हुए एक बड़े आर्थिक संकट की चेतावनी दी। राहुल गांधी ने दावा किया कि अगले एक-दो महीने में भारत में ‘एक बड़ा वित्तीय भूकंप’ आने वाला है, जिसका सीधा असर केरल और पूरे देश के लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए यहां तक कह दिया कि वे चाहते हैं कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रित मोर्चा (LDF) ही यह विधानसभा चुनाव जीते।
राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संकट पर व्यक्त की चिंता
राहुल गांधी ने अपनी जनसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आप मुझसे बेहतर जानते हैं कि पश्चिम एशिया में क्या हो रहा है।” राहुल ने स्पष्ट किया कि वहां एक ‘बड़ी घटना’ घटित हो रही है, जिसकी तीव्रता और अवधि अनिश्चित है। उन्होंने कहा कि ‘कोई नहीं जानता कि यह कहां खत्म होगा और कब तक चलेगा।’ इस अनिश्चितता का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत पर पड़ने वाला है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस जंग के कारण आने वाले समय में देश में ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी, महंगाई बेतहाशा बढ़ेगी और एक बड़ा वित्तीय संकट दस्तक देगा। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि यह ‘वित्तीय भूकंप’ सिर्फ एक अनुमान नहीं, बल्कि अगले एक से दो महीने में ही इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा, जिससे आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होगी।
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राहुल गांधी का LDF सरकार पर हमला
कांग्रेस नेता ने इस आसन्न वित्तीय संकट से निपटने के लिए केरल की LDF सरकार की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इतना बड़ा आर्थिक संकट देश और राज्य पर मंडरा रहा है, तब LDF सरकार इस स्थिति से बचने या उससे निपटने के लिए कुछ भी नहीं कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए तैयारी करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा वामपंथी सरकार इस दिशा में पूरी तरह निष्क्रिय है। उनकी यह टिप्पणी LDF सरकार की आर्थिक नीतियों और दूरदर्शिता पर सीधा प्रहार थी, खासकर चुनाव से ठीक पहले जब अर्थव्यवस्था एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है।
पीएम मोदी और LDF के बीच एक अलिखित समझौता- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि पीएम मोदी ‘डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चलाए जा रहे हैं।’ इस बयान से उन्होंने प्रधानमंत्री की नीतियों और निर्णयों पर सवाल उठाए और उन्हें बाहरी प्रभावों के अधीन बताया। इससे भी आगे बढ़कर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुप्त इच्छा है कि केरलम विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ LDF गठबंधन ही जीत हासिल करे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और LDF के बीच एक अलिखित समझौता है, जिसके तहत वे दोनों एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। यह आरोप कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के लिए LDF और भाजपा दोनों को एक ही पाले में खड़ा करने की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
उन्होंने केरल के विधानसभा चुनाव को ‘दो विचारधाराओं की लड़ाई’ के रूप में परिभाषित किया। राहुल गांधी ने यह देखकर आश्चर्य व्यक्त किया कि ‘एक वामपंथी पार्टी और अति दक्षिणपंथी पार्टी के साथ गठबंधन कर रही है, जबकि दोनों की विचारधारा एक दूसरे के ठीक उलट है।’ इस बयान के जरिए उन्होंने LDF और भाजपा के बीच ‘मिलीजुली ताकतों’ के होने का संकेत दिया। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF गठबंधन दरअसल LDF के साथ-साथ भाजपा की इन ‘मिलीजुली ताकतों’ से भी लड़ रहा है। यह आरोप केरल की राजनीति में एक नया मोड़ लाता है, जहां पारंपरिक रूप से UDF और LDF के बीच सीधी टक्कर रही है, और भाजपा एक तीसरी ताकत के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी के अनुसार, यह गठबंधन एक अस्वाभाविक मेल है जो राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को जटिल बना रहा है।
केरल में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राहुल गांधी के इन बयानों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पश्चिम एशिया की जंग से उत्पन्न संभावित आर्थिक संकट की चेतावनी और प्रधानमंत्री मोदी पर LDF को समर्थन देने के सीधे आरोप ने चुनावी प्रचार अभियान को एक नई दिशा दी है। इन दावों और आरोपों पर LDF और BJP की प्रतिक्रिया क्या होती है और केरल की जनता इन बयानों को किस तरह देखती है, यह देखना दिलचस्प होगा। आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी और बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि सभी राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अंतिम प्रयास कर रहे हैं और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।