मीडिया पर भड़के राहुल गांधी, बोले- आप BJP के दिए शब्द को सुनकर अपना पूरा कार्यक्रम नहीं चला सकते, देश का अपमान कर रहे हो

राहुल गांधी ने मीडिया से कहा आप जिम्मेदार लोग हैं, आप मीडियाकर्मी हैं, निष्पक्ष रहना आपकी जिम्मेदारी है। आप रोज  भाजपा द्वारा दिए गए किसी भी शब्द को सुनकर अपना पूरा कार्यक्रम नहीं चला सकते।
Rahul Gandhi Parliament

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केंद्र को मोदी सरकार पर हमलावर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज एक बार फिर मीडिया पर भड़के हुए दिखाई दिए,  संसद परिसर में मीडिया ने जब राहुल गांधी से सवाल किया तो वे भड़क गए, राहुल ने कहा आप जिम्मेदार लोग हैं। आप मीडियाकर्मी हैं, निष्पक्ष रहना आपकी ज़िम्मेदारी है। आप रोज भाजपा द्वारा दिए गए किसी भी शब्द को सुनकर अपना पूरा कार्यक्रम नहीं चला सकते।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रेड डील में अमेरिका के सामने सरेंडर करने का आरोप लगाने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों आक्रामक अंदाज में दिखाई दे रहे हैं, जनरल मनोज मुकुंद नरवडे की किताब से शुरू हुआ केंद्र सरकार को घेरना का क्रम ट्रेड डील और एपस्टीन फ़ाइल तक पहुंच गया है, राहुल गांधी ने इन दिनों लोकसभा में मोदी सरकार को चारों तरफ से घेर रखा है लेकिन खास बात ये है कि उनका ये रुख मीडिया के साथ भी आज फिर दिखाई दिया।

“आप पूरी तरह से भाजपा के कर्मचारी नहीं हैं”

अपनी गाड़ी में बैठते समय जब मीडिया पर्सन ने राहुल गांधी से सवाल किया वे भड़क गए, बिना सवाल सुने ही राहुल बोलने लगे आप लोग अपना काम करो भाई, फिर वे अंग्रेजी में मीडिया पर भड़क गए, राहुल गांधी ने कहा आप पूरी तरह से भाजपा के कर्मचारी नहीं हैं। कम से कम थोड़ी निष्पक्ष रिपोर्टिंग तो कीजिए, यह बेहद शर्मनाक है,  हद से ज़्यादा हो रहा है।

आप मीडियाकर्मी हैं, निष्पक्ष रहना आपकी जिम्मेदारी

राहुल गांधी ने आगे कहा, आप जिम्मेदार लोग हैं, आप मीडियाकर्मी हैं, निष्पक्ष रहना आपकी जिम्मेदारी है। आप रोज  भाजपा द्वारा दिए गए किसी भी शब्द को सुनकर अपना पूरा कार्यक्रम नहीं चला सकते। आप इस देश का अपमान कर रहे हैं। क्या आप यह समझ नहीं पा रहे हैं?

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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