घायल साहिल के साथ DCP ऑफिस पहुंचे राहुल गांधी, पूछा- छात्रों पर पैलेट गन चलाने का ऑर्डर किसने दिया, धरने पर बैठे

राहुल गांधी ने कहा अमित शाह और दिल्ली पुलिस कितनी भी कोशिश कर लें छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती, न्याय होकर रहेगा।
Rahul Gandhi reached DCP office with injured Sahil

Rahul Gandhi reached DCP office with injured Sahil

20 जुलाई को संसद पर हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुए साहिल नामक युवक को लेकर राहुल गांधी दिल्ली पुलिस के डीसीपी ऑफिस पहुंच गए और वहां पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए, राहुल गांधी ने कहा है कि जब तक राहुल की शिकायत पर एफआईआर नहीं हो जाती वे वहां से नहीं हटेंगे।

राहुल गांधी ने कहा अमित शाह ने देश के बच्चों पर पैलेट गन चलवाई, जिसमें साहिल को पैलेट लगने से आंख में गंभीर चोट आई थी। साहिल और उसकी मां लगातार पुलिस के पास जाकर FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे थे, जिसे पुलिस नजरअंदाज कर रही थी। इसलिए आज साहिल और उसकी मां के साथ मैं खुद पुलिस अधिकारियों से मिलने आया हूँ।

पुलिस की कार्रवाई पर राहुल गांधी ने उठाये सवाल  

राहुल गांधी ने कहा साहिल की शिकायत पर इन्वेस्टिगेशन नंबर ही नहीं दिया गया है, जिससे कि FIR दर्ज हो सके, AIIMS से भी साहिल की MLC (Medico Legal Case) रिपोर्ट नहीं दी गई है, जिसको शिकायत और FIR में लगाया जा सके। ये सरासर अन्याय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा अमित शाह और दिल्ली पुलिस सुन लें ये तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों के न्याय के लिए हम पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।

राहुल बोले- अमित शाह, आप जवाबदेही से भाग नहीं सकते

राहुल गांधी ने कहा हम छात्रों के साथ खड़े हैं, हम न्याय के लिए खड़े हैं, हम चुप नहीं रहेंगे, उन्होंने कहा जब तक FIR दर्ज नहीं हो जाती तब तक मैं DCP ऑफिस के बाहर धरने पर रहूँगा। उन्होएँ फिर सवाल किया छात्रों को गोली मारने का आदेश किसने दिया? अमित शाह, आप जवाबदेही से भाग नहीं सकते। हम साहिल के साथ हैं। हम हर छात्र के साथ हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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