पेपर लीक विवाद: पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान पर राहुल गांधी का हमला, प्रियंका गांधी बोलीं “पहले छात्रों की मांगें पूरी करें”

राहुल गांधी ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, छात्रों से माफी मांगने और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा टूट चुका है और पहले उनकी मांगें पूरी की जानी चाहिए।
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Rahul Gandhi Raebareli

पेपर लीक मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट के जवाब में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले खुद प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने न सिर्फ देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद होने दिया, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण भी दिया।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रधानमंत्री के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र अपनी बात साफ़ तौर पर रख रहे हैं, लेकिन सरकार कुछ और कह रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री को नेतृत्व दिखाने और छात्रों की मांगों को सुनने का समय है।

पीएम मोदी ने की फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा है कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

राहुल गांधी ने कहा “पहले छात्रों की मांगें मानी जाएं”

हालांकि, इस घोषणा को कांग्रेस ने अपर्याप्त मानते हुए छात्रों की मांगें पूरी करने की बात दोहराई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा कि “आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी शिक्षा व्यवस्था पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, बल्कि उसे बढ़ावा भी दिया और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।” उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, छात्रों से माफी मांगने और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रियंका गांधी छात्रों के साथ जताई एकजुटता

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र अपनी बात साफ़ तौर पर रख रहे हैं, लेकिन सरकार कुछ और कह रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री को नेतृत्व दिखाने का समय है। प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की स्पष्ट मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों का शिक्षा व्यवस्था और पूरे सिस्टम पर भरोसा टूट चुका है, ऐसे में यदि उसी व्यवस्था से जांच कराई जाएगी तो छात्र उसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले छात्रों की मांगों को पूरा किया जाए, तभी इस पूरे विवाद का समाधान निकल सकेगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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