कांग्रेस बोली चुप्पी तोड़ें PM Modi, मन की नहीं अब धन की बात करें, राम मंदिर निर्माण के लिए इकट्ठा हुए 1400 करोड़ के चंदे का मांगा हिसाब

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा, कबीर दास ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि कभी 'मुंह में राम, बगल में छुरी' वाले ऐसे भी अधर्मी आ जाएंगे, जो 'राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट' के भावार्थ को साइड कर सबकुछ लूट-खसोट लेंगे।
Ram Mandir donation theft case Congress spokesperson Ragini Nayak Press conference

Ram Mandir donation theft case Congress spokesperson Ragini Nayak Press conference

राम मंदिर में दान, चन्दा, चढ़ावा चोरी के मामले में कांग्रेस अब सीधे PM Modi पर हमलावर हैऔर उनसे चुप्पी तोड़ने की मांग कर रही है, कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात तो बहुत कर ली और धन की बात करें देश के सामने अपना पक्ष बताएं, कांग्रेस ने एक बड़ी मांग करते हुए कहा कि ट्रस्ट के गठन से पहले राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए लगभग 1,400 करोड़ रुपये के चंदे का हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाए।

राम मंदिर में हुई चोरी को लेकर कांग्रेस मुखर होकर अब मैदान में आ गई है, कभी राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस अब सनातन की खूबियाँ गिना रही है, भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम संबोधित करते हुए उनके नाम स्मरण कर गुणगान कर रही है, कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने आज पत्रकार वार्ता की शुरुआत.. मंगल भवन अमंगल हारी… चौपाई के साथ कुछ इसी तरह से की।

कांग्रेस करने लगी राम नाम का गुणगान 

रागिनी नायक ने कहा, राम इतने मंगलकारी हैं कि उनके नाम के उच्चारण मात्र से ही सारे पाप कट जाते हैं, संकट दूर जाते हैं। ऐसे में सोचने वाली बात ये है कि पतित पावन मर्यादा पुरुषोत्तम राम के साथ ठगी करने वाले कितने बड़े अधर्मी होंगे। वोट चोरी, सीट चोरी के बाद अब चढ़ावा चोरी ने हर भारतीय के मन को छलनी किया है। इसलिए आज चढ़ावा चोरी से जुड़े हर व्यक्ति को कठघरे में खड़ा किया जाएगा। फिर चाहे वो कोई छुटभैया हो, चंपत राय हो या खुद नरेंद्र मोदी ही क्यों न हो?

कांग्रेस ने BJP-RSS पर दागे गंभीर सवाल  

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा क्रोनोलॉजी समझिए, अयोध्या में शंकराचार्यों का ट्रस्ट पहले से था फिर जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो इस ट्रस्ट ने सरकार और कोर्ट को लिखकर कहा कि हम मंदिर निर्माण करवा सकते हैं मगर मोदी सरकार नहीं मानी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम का नया ट्रस्ट बनाया गया, जो मंदिर से जुड़े हर काम का प्रबंधन देखता है। राम मंदिर के इस नए ट्रस्ट में BJP-RSS से जुड़े लोग शामिल किए गए और मोदी सरकार ने ट्रस्ट को RTI के दायरे से बाहर रखा, ऐसे में सवाल है कि क्या इस ट्रस्ट में BJP-RSS से जुड़े लोगों की भर्ती इस मंशा के साथ की गई थी, ताकि बड़ा घोटाला किया जा सके।

राम मंदिर का श्रेय लिया है तो चोरी की जिम्मेदारी लें 

प्रभु श्री राम के मंदिर में 40 दिन में 70 बार चोरी हुई। BJP सरकार ने दबाव में आकर SIT का गठन किया, लेकिन क्या कारण है कि SIT की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही। आखिर किसे बचाने की कोशिश हो रही है? नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का खूब श्रेय लिया, लेकिन आज चढ़ावा चोरी पर वो खामोश हैं, जब श्रेय लिया है तो चोरी की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। ये जनता के साथ विश्वासघात है।

सामने आकर PM Modi को जवाब देना चाहिए 

रागिनी नायक ने कहा अक्सर बड़े मामलों में छोटे लोगों की गिरफ्तारियां हो जाती हैं और बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है। लेकिन अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में भाजपा के कुछ गुर्गे कह रहे हैं कि ये हमारा आपसी मामला है, हम निपट लेंगे। मगर वो भूल गए कि मंदिर में देश के गरीब से गरीब और अमीर से अमीर व्यक्ति ने अपने सामर्थ्य के अनुसार चढ़ावा चढ़ाया था, ये किसी की बपौती नहीं है आज नरेंद्र मोदी चढ़ावा चोरी पर जुबान सिल कर बैठे हैं, जबकि उन्हें जनता के सामने आकर जवाब देना चाहिए।

बिना सरकार के संरक्षण के मुमकिन नहीं 

राम मंदिर से 40 दिन में 70 चोरियां हो गईं CCTV फुटेज का कोई बैकअप नहीं मिला पिछले 5 साल में कितनी चोरी हुई, इसकी जानकारी नहीं है चंपत राय पर कोई FIR नहीं हो रही है क्या ये बिना सरकार के संरक्षण के मुमकिन हो सकता है?

कांग्रेस ने की ये चार मांग

  • श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।
  • ट्रस्ट के कामकाज और वित्तीय लेन-देन की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए।
  • प्रधानमंत्री मोदी चढ़ावा चोरी पर चुप्पी तोड़ें और देश के सामने अपना पक्ष रखें।
  • ट्रस्ट के गठन से पहले राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए लगभग 1,400 करोड़ रुपये के चंदे का हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाए।
Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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