राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गूंज पूरे देश में फैल गई है। इस मामले में साधु-संत ही नहीं बल्कि सभी सनातियों को गहरी चोट पहुंची है। विपक्ष ने भाजपा सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष के नेताओं के बयानों के चलते विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या डीएसपी को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने विपक्ष के नेताओं द्वारा मामले में दिए गए बयानों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं विपक्ष ने भी विश्व हिंदू परिषद के द्वारा लिखे गए पत्र को लेकर मोर्चा खोल दिया है। इस कड़ी में आम आदमी पार्टी ने VHP के पत्र पर निशाना साधा है। दिल्ली आप अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, इससे साफ है कि VHP इस बात से परेशान है कि पूरे देश में चंदा चोरी का मुद्दा उठाया जा रहा है। अगर उनके इरादे साफ होते, तो वे कहते कि VHP के अंदर कई लोग हैं जो इस बारे में सामने आना चाहते हैं, क्योंकि उनके संगठन से जुड़े लोग इस ट्रस्ट में शामिल थे। लेकिन उन्होंने एक भी गवाह पेश नहीं किया। इसका मतलब है कि VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने सरेंडर कर अपने हाथ ऊपर कर लिए है। उन्होंने मान लिया है कि उनकी पार्टी के लोग चंदा चोरी के मामले में गवाह नहीं बनेंगे।
VHP के पत्र को लेकर क्या बोले सांसद संजय सिंह
सौरभ भारद्वाज के अलावा पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी VHP के पत्र को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार के पत्र का स्वागत करते हैं। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान श्रीराम से जुड़े मामलों में भी भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व हिंदू परिषद का यह पत्र राजनीति से प्रेरित है।
संजय सिंह ने कहा, जब भी जांच अधिकारी मुझे बुलाएंगे, मैं उनके सामने पेश हो जाऊंगा। मैं पिछले पांच वर्षों से इसका इंतजार कर रहा हूं। मैंने वर्ष 2021 में इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आगे कहा, मेरा सवाल है कि चंपत राय अब तक अपने पद पर कैसे बने हुए हैं? इतने गंभीर आरोपों के बावजूद वह अभी भी उस पद पर कैसे बैठे हैं? इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
VHP ने पत्र लिखकर क्या मांग की?
बता दें कि VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या डीएसपी आशुतोष तिवारी को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंंने कहा कि अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं के राम मंदिर चढ़ावा में कथित हेराफेरी मामले में दिए गए बयानों को रिकॉर्ड किया जाए और उनके आरोपों के लिए असल आधार, सोर्स और समर्थन दस्तावेज मांगें। उन्होंने मांग की है कि अगर जांच के दौरान इन नेताओं के लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए। अगर जांच में यह आरोप झूठे या बेबुनियाद साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
चंदा चोर पार्टी भगवान राम के काम में भी भेदभाव कर रही है। आखिर क्यों? https://t.co/dhcNWWCi4F
— AAP (@AamAadmiParty) July 5, 2026





