लाल किला परिसर की सुरक्षा को अब पहले से ज्यादा कड़ा किए जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। दरअसल, यहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पिछले 7 सालों से फैसला अटका हुआ था क्योंकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग में ऐतिहासिक संरचना को नुकसान पहुंचाने की आशंका जताते हुए आपत्ति जताई थी।
ASI की आपत्ति की वजह से कैमरा इंस्टॉल करने के लिए योजना लंबे समय से रुकी हुई थी। लेकिन जब किले के आसपास कार बम विस्फोट जैसी घटनाएं हुई। इसके बाद स्थिति पूरी तरह से बदल गई।
बढ़ेगी लाल किले की सुरक्षा
10 नवंबर 2025 को किले के आसपास हुए बम विस्फोट में दर्जनों लोग घायल हुए और कुछ लोगों की जान गई। इसी को देखते हुए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ASI ने अपनी आपत्तियां वापस ले ली है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों, खुफिया ब्यूरो, दिल्ली पुलिस, ASI और लाल किले की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाली CISF के बीच बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि पहले चरण में 150 कैमरे लगाए जा रहे हैं जो परिसर के अंधेरे से अंधेरे कोने को कवर करेंगे। इसके अलावा आसपास के पार्कों में हाई मास्ट फ्लड लाइट लगाई जाएगी।
आधुनिकता से इतिहास की सुरक्षा
लाल किले की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हमले के बाद से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था वैसे भी सख्त कर दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सके। अधिकारियों के मुताबिक काम जल्दी पूरा होगा जिस ऐतिहासिक स्मारक आधुनिक और सुरक्षित निगरानी से लैस हो जाएगी।





