UP Electricity Employees compulsory retirement : उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के 50 साल की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति नहीं दी जाएगी, वे अपने सेवाकाल तक कार्यरत रहेंगे। यूपीपीसीएल ने 26 अप्रैल को इस संबंध में जारी आदेश को निरस्त कर दिया है।

आदेश निरस्त, नहीं दी जाएगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरप्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन के कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन विकास चंद्र अग्रवाल की ओर से रविवार को मध्यांचल एमडी को एक पत्र जारी किया गया था, जिसके बाद 50 की आयु पार कर चुके बिजली कर्मचारियों कीछंटनी के आदेश में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही स्क्रीनिंग के लिए गठित होने वाली कमेटी को भी स्थगित कर दिया गया है।  निगम के कई कर्मचारी संगठन ने इस पर नाराजगी भी जाहिर की थी, जिसके बाद इस आदेश को निरस्त किया गया है।

ये है पूरा मामला

दरअसल, मध्यांचल विद्युत विभाग वितरण निगम ने 26 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था जिसमें विद्युत विभाग के कर्मचारियों को “स्क्रीनिंग” के द्वारा रिटायर करने का जिक्र किया गया था। इसमें कहा गया था कि 50 साल की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों की कार्य क्षमता का मूल्यांकन (Evaluation) किया जाएगा और जो इसमें फिट नहीं होंगे उन्हैें यूपी शासन की व्यवस्था के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी। इसमें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने डिस्काम के सभी जोन को निर्देश जारी कर सितंबर वर्ष-2023 तक 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों रिपोर्ट बनाने के लिए निर्देश हुए थे।