शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर, विभाग ने जारी किए 1384 करोड़, इस दिन खाते में आएगी सैलरी!

जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पहले से उपलब्ध राशि की समीक्षा करें और शिक्षकों को वेतन का भुगतान करें। इसके बाद राज्य कार्यालय को सूचित करें।
Employees news

Bihar Employees Teacher Salary : बिहार के प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। जल्द ही वेतन का भुगतान किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सोमवार को सभी जिलों को 1384 करोड़ 23 लाख 23 हजार 854 रुपये जारी कर दिए है वही जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है कि अगले सप्ताह तक सभी शिक्षकों को वेतन का भुगतान कर दिया जाए।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने शिक्षकों को वेतन भुगतान में पूर्व से निर्गत गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान) को दिए है। इससे समग्र शिक्षा अंतर्गत पूर्व से कार्यरत प्रारंभिक शिक्षकों को ही वेतन भुगतान किया जाना है।

अनियमितता पाई जाने पर संबंधित अधिकारी की होगी जिम्मेदारी

जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (प्रारंभिक शिक्षा एवं एसएसए) को निर्देश दिया गया है कि जिले में पूर्व से उपलब्ध राशि की समीक्षा करते हुए वेतन भुगतान कर राज्य कार्यालय को सूचित करें।किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर इसकी पूर्ण जवाबदेही संबंधितअधिकारी की होगी।

शिक्षकों की वेतनवृद्धि का भी रास्ता साफ

  • इधर, बिहार में सीपीडी ट्रेनिंग पूरी करने वाले लगभग 3 लाख नियोजित शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने 17 अगस्त को ट्रेनिंग पूरी करने वाले शिक्षकों की सूची जारी कर दी है, ऐसे में अब इन शिक्षकों को वेतन वृद्धि का लाभ जल्द मिलने की उम्मीद है।
  • बता दे कि शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने जून में एक आदेश जारी किया था और कहा था कि जिन शिक्षकों ने प्रशिक्षण को पूरा नहीं किया है उनकी सालाना वेतन वृद्धि पर रोक रहेगी और वेतन बढ़ोतरी शिक्षकों के प्रशिक्षण लेने के बाद निर्धारित तिथि से दिया जाएगा।प्रदेश में कुल 3.23 लाख नियोजित शिक्षक हैं, जिनमें से 2,92,144 ने सीपीडी ट्रेनिंग पूरी हो है और 31000 की बाकी है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews