पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर, अब इस तारीख तक कर सकते है लाइफ सर्टिफिकेट जमा, जानें प्रक्रिया

पेंशनर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकते है। पेंशन भोगी ऑनलाइन पेंशन पोर्टल, ई-मित्र, बायोमेट्रिक विधि से राजस्थान के विभिन्न कोषालयों व उपकोषालयों एवं पेंशन कार्यालय में राजपत्रित अधिकारी से हस्ताक्षरित करवाकर जीवित प्रमाण-पत्र जमा करा सकते हैं।
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Rajasthan Pensioners Life Certificate : राजस्थान के लाखों पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है।राज्य सरकार ने वित्तीय साल 2024-25 के लिए जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि को 1 महीने और बढ़ा दिया है। अब पेंशनर्स 31 जनवरी 2025 प्रमाण पत्र जमा कर सकते है। पहले इसकी आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2024 तय की गई थी

पेंशनर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते है। अगर आप 31 जनवरी 2025 तक आप अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाते है तो फरवरी से पेंशन मिलनी बंद हो जाएगी।हालांकि बाद में लाइफ सर्टिफिकेट जमा होने पर बकाया अमाउन्ट के साथ पूरी पेंशन की राशि खाते में आ जाती है।

कैसे जमा होगा लाइफ सर्टिफिकेट

  • पेंशनर्स विभिन्न माध्यमों जैसे अपना प्रमाण पत्र जमा करवा सकते है।ऑनलाइन पेंशन पोर्टल,ई-मित्र, बायोमैट्रिक, पोस्ट ऑफिस/ बैंक के माध्यम से प्रमाण पत्र दे सकेंगे।
  • पेंशनर्स अपने प्रमाण पत्र को राजपत्रित अधिकारी से हस्ताक्षरित करवाकर राजस्थान के कोषालयों, उपकोषालयों और पेंशन कार्यालयों में जमा करवा सकते है।
  • सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपनी एसएसओ आईडी के जरिए पोर्टल पर पेंशनर्स का जीवित प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं।

जीवन प्रमाण पत्र क्यों है जरूरी

गौरतलब है कि जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक सक्षम डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र है। यह केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अन्य शासकीय संस्थान के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे पता चलता है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है या नही। साल के अंतिम महीनो में खासकर  पेंशनर्स को लाइफ सर्टिफिकेट को जमा करना होता है, क्योंकि पेंशनधारकों की ओर से जमा किया जाने वाला लाइफ सर्टिफिकेट एक साल के लिए वैलिड होता है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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