गणतंत्र दिवस के मौके पर लाल किले पर भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। इस परेड में निकलने वाली चीजों को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता देखने को मिलती हैं। अलग-अलग झांकियां से भरी है परेड आकर्षण का केंद्र होती है। इस बार झारखंड की झांकी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाली है।
राज्य की झांकी के माध्यम से यहां की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता और जैव विविधता को दर्शाया जाएगा। चलिए जान लेते हैं कि झांकी की थीम क्या है और इस वर्ष आपको क्या-क्या देखने को मिलने वाला है।
क्या है थीम
इस वर्ष झांकी की थीम स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम और विकसित भारत रखी गई है। ये प्रकृति और राष्ट्रभक्ति के गहरे संबंध को उजागर करती है। ऐसे में अलग अलग राज्यों से शामिल होने वाली झांकी में अलग अलग नजारे देखने को मिलने वाले हैं।
कैसी है झारखंड की झांकी
झारखंड की झांकी में लोगों को दशम जलप्रपात, वन्य जीव और इको टूरिज्म को देखने का अवसर मिलेगा। राज्य में नीलगाय और एशियाई हाथी जैसे वन्य जीव जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों के प्रतीक के तौर पर दर्शाए जाएंगे। इसमें झारखंड के हरियाली जल स्रोत और आदिवासी समाज के प्रकृति से जुड़े जीवन को लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
लाल किला में भारत पर्व का आयोजन
लाल किला प्रांगण में 26 से 31 जनवरी तक भारत पर्व का आयोजन किया जाएगा। इस्लाम झारखंड सहित देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से झांकियां प्रस्तुत की जाएगी। जो भारत की सांस्कृतिक विविधता, विकास यात्रा और प्राकृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेगी।
झारखंड की झांकी राज्य के सतत विकास, प्रकृति आधारित पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के रूप में पेश की जाएगी। हर वर्ष पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भारत पर्व का आयोजन गणतंत्र दिवस के मौके पर किया जाता है। दोपहर 12बजे से रात 9 बजे तक यह आम जनता के लिए नि:शुल्क खुला रहता है। इस पर्व में दर्शक न केवल गणतंत्र दिवस परेड की विभिन्न झांकियां का दीदार करेंगे बल्कि अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद भी ले सकेंगे।





