रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, मल्लिकार्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर हमला, कहा ‘आर्थिक संकट के बावजूद सरकार बेफिक्र’

कांग्रेस अध्यक्ष ने भारतीय रुपये की गिरावट पर चिंता जताते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि रुपया 85 के स्तर को पार कर चुका है और मोदी सरकार आर्थिक संकट के बावजूद जनता का ध्यान भटकाने में लगी हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी जी भूल गए कि भारत को "विश्वगुरु" रुपये को मजबूत रखकर ही बनाया जा सकता है।
Mallikarjun Kharge

Mallikarjun Kharge Attacks Modi Government : कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय रुपए के गिरने को लेकर चिंता जताई है। इसे लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 85 को पार कर चुका है, जबकि व्यापार घाटा (Trade Deficit) भी अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता का ध्यान देश के महत्वपूर्ण मुद्दों से भटकाने में लगी हुई है।

भारतीय रुपये की गिरावट पर कांग्रेस अध्यक्ष ने X पर ‘मार्गदर्शक मंडल, ICU और ‘रुपया गिरा नहीं, डॉलर बढ़ा है’ जैसी बातों का उल्लेख करते हुए सरकार पर कटाक्ष किया। खड़गे ने कहा कि इस संकट के बावजूद मोदी सरकार पूरी तरह से बेफिक्र और उदासीन बनी हुई है।

रुपया एक डॉलर के मुकाबले 85.07 नीचे गिरा

भारतीय रुपया पहली बार 85 के स्तर के नीचे गिरकर ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। करेंसी मार्केट में रुपया 12 पैसे की गिरावट के साथ 1 डॉलर के मुकाबले 85.06 रुपये के स्तर पर फिसल गया। अमेरिकी सेंट्र बैंक, फेडरल रिजर्व, ने 2025 के लिए महंगाई दर के अनुमान को बढ़ा दिया है और ब्याज दरों में सिर्ऱ दो बार कटौती करने की बात कही है, जिसका असर रुपये पर दबाव डाल रहा है। एक डॉलर के मुकाबले करेंसी मार्केट में रुपया 85.04 के स्तर पर खुला और फिर गिरते हुए 85.07 रुपये तक पहुंच गया। पिछले सेशन में रुपया 84.96 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। यह पहली बार है जब भारतीय रुपया एक डॉलर के मुकाबले 85 रुपये के नीचे गिरा है।

कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा

इसे लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि ‘रुपया आज अब तक के सबसे निचले स्तर 85 को पार कर चुका है। हमारा Trade Deficit अब सबसे अधिक बढ़ गया है। “मार्गदर्शक मंडल”, “ICU”, “रुपया गिरा नहीं, डॉलर बढ़ा” जैसी बातें याद आती हैं। पर असली बात ये है कि अर्थव्यवस्था का बंटाधार करने के बाद भी मोदी सरकार पूरी तरह बेफिक्र व उदासीन दिखेगी, और देश के महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान लगातार भटकाने का कुत्सित खेल जारी रखेगी। शायद नरेंद्र मोदी जी भूल गए कि भारत को “विश्वगुरु” रुपये को मज़बूत रखकर ही बनाया जा सकता है !’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews