सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर फिर से विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट, बढ़ी केरल सरकार की दुविधा

आज सुप्रीम कोर्ट 67 ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जो सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं की एंट्री पर पुनर्विचार करने के लिए लगाई गई है। विधानसभा चुनाव से पहले ये कदम उठाया जा रहा है।
Sabarimala mandir

सुप्रीम कोर्ट में आज सबरीमाला का मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को एंट्री देने वाले फैसले की रिव्यू की मांग करने वाली कंपटीशन पर विचार किया जाने वाला है। लगभग 67 या आज का दायर की गई है जिसके चलते कोर्ट को अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करने के बारे में सोचना पड़ा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बैच आस्था की आजादी, बराबरी और धार्मिक रीति-रिवाज की जरूरत से जुड़े सवालों की जांच करने वाली है। इस साल केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर सरकार को अपना फैसला क्लियर करना होगा।

सबरीमाला में एंट्री पर कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सनी करने के लिए जजों की नई बैच बनाने के लिए निर्देश जारी कर सकता है, इस बैच में 9 जज शामिल किए जा सकते हैं। साल 2019 में बनी पिछली 9 जजों की बैच खत्म हो गई है क्योंकि जस्टिस सूर्यकांत को छोड़कर बाकी सभी जज रिटायर्ड हो गए हैं। सभी माल मामले के अलावा इस बैच से मुस्लिम और पर से कम्युनिटी की महिलाओं के धार्मिक अधिकारों रीति रिवाज और आस्था के मामले में कोर्ट के हद तक कर सकता है। इस मुद्दे पर भी विचार करने की उम्मीद की जा सकती है।

बढ़ी केरल सरकार की दुविधा

मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जो रिव्यू पिटीशन तैयार की गई है। उसे लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार दुविधा में आ गई है। मंदिर में महिलाओं की एंट्री को सपोर्ट करने के केरल सरकार के आइडिया को बढ़ाने के लिए नए जमाने की क्रांति का नारा इस्तेमाल किया गया था। कोर्ट के आदेश का वाला देते हुए सरकार ने सभी वाला मंदिर में एंट्री करने की कोशिश करने वाली महिलाओं को पुलिस प्रोटेक्शन प्रदान किया था। इतना ही नहीं सरकार में महिलाओं की एंट्री पर मजबूत रुख अपनाते हुए महिलाओं की ह्यूमन चैन वूमेंस पॉलिसी शुरू की थी। ये दावा किया गया था कि इस कैंपेन में 50 लाख महिलाओं ने हिस्सा लिया था। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट क्या पुनर्विचार करता है और सरकार का क्या एक्शन होता है ये कोर्ट के आदेश के बाद पता चल जाएगा।

Diksha Bhanupriy
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