Sahara India : करोड़ों निवेशकों को बड़ी राहत, 45 दिनों में वापस मिलेगा सहारा इंडिया में फंसा पैसा, ऐसे करें आवेदन, जानें नियम-प्रक्रिया

Sahara India

Sahara India Refund Portal : सहारा इंडिया के 10 करोड़ निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। 45 दिनों के अंदर करोड़ों निवेशकों का फंसा पैसा वापस मिलेगा। इसके लिए केन्द्र की मोदी सरकार आज मंगलवार 18 जुलाई को सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च कर दिया है।इस मौके पर केन्द्री गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहारा की सहकारी समितियों में जिन लोगों के रुपये कई सालों से डूबे हुए थे, उसे लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लगभग चार करोड़ लोगों को शुरुआती तौर पर लाभ मिलेगा।. सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस मिलेंगे।

पोर्टल के माध्यम से इन निवेशकों को मिलेगा पैसा वापस

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि चार सहकारी समितियों का सारा डेटा ऑनलाइन है,यह पोर्टल 1.7 करोड़ जमाकर्ताओं को खुद को रजिस्टर करने में मदद करेगा। इन जमाकर्ताओं के क्लेम का निपटारा किया जाएगा और  45 दिनों के भीतर जमाकर्ताओं के बैंक खाते में पैसा वापस कर दिया जाएगा। इस रिफंड पोर्टल के जरिए उन निवेशकों के रकम वापस मिलेगी, जिनके निवेश की मैच्योरिटी पूरी हो चुकी है।  इस पोर्टल पर निवेशक अपना नाम दर्ज कराएंगे। वेरिफिकेशन के बाद उनके रकम वापसी की प्रक्रिया शुरू होगी।

निवेशकों के दस्तावेज सहारा समूह की समितियों द्वारा 30 दिन के भीतर वेरिफाई किए जाएंगे।इसके बाद ऑनलाइन क्लेम दर्ज करने के 15 दिन के भीतर SMS के जरिए निवेशकों को सूचित कर दिया जाएगा। इसके बाद बैंक खाते में निवेश की रकम आ जाएगी और निवेशकों के पैसे वापस मिलेंगे।पोर्टल के जरिए सहारा के उन निवेशकों के पैसे वापस दिए जाएंगे जिनके निवेश की अवधि यानी समय सीमा पूरी हो चुकी है

एमपी समेत कई राज्यों के निवेशकों का फंसा है पैसा

बता दे कि सहारा इंडिया की को-ऑपरेटिव सोसाइटीज के 10 करोड़ निवेशकों के पैसे फंसे हुए हैं। इसमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इन निवेशकों में अधिकतर मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के लोग हैं। पैसे वापस नहीं मिलने पर निवेशकों ने इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की थी और राज्यों में सहारा के खिलाफ आंदोलन भी किया था। सहारा समूह की जिन सहकारी समितियों में निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये अटके हैं, उनमें सहारा क्रेडिट को-आपरेटिव, सहारा यूनिवर्सल मल्टीपरपज, हमारा इंडिया क्रेडिट को-आपरेटिव एवं स्टार्स मल्टीपरपज शामिल हैं। सबसे ज्यादा पैसे सहारा क्रेडिट को-आपरेटिव में है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे ये आदेश

उल्लेखनीय है कि सहारा समूह की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं की वैध जमा धनराशि के भुगतान संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए सहकारिता मंत्रालय के आवेदन पर, भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मार्च 2023 को एक आदेश दिया था। इसके तहत सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह की सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के वैध देयों के भुगतान के लिए “सहारा-सेबी रिफंड खाते” से 5000 करोड़ रुपये सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार (CRCS) को हस्तांतरित किए जाने का आदेश दिया।सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के प्रमाणिक जमाकर्ताओं द्वारा दावे प्रस्तुत करने के लिए एक ‘ऑनलाइन पोर्टल’ विकसित किया गया है।

4 को-ऑपरेटिव सोसाइटी के निवेशक ही कर सकेंगे आवेदन

सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड
हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड
स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

जानिए रिफंड की पूरी प्रोसेस

  1. सबसे पहले https://mocrefund.crcs.gov.in/ पोर्टल पर जाए।
  2. पोर्टल के होमपेज पर जमाकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करें।
  3. आधार नंबर और इससे जुड़ा मोबाइल नंबर डालना होगा।
  4. सेंड OTP पर क्लिक करें और OTP आने पर दर्ज करें।
  5. रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर जमाकर्ता लॉगिन पर क्लिक करें।
  6. दोबारा आधार और मोबाइल नंबर डालकर OTP दर्ज करें।
  7. नियम और शर्तों को पढ़कर ‘मैं सहमत हूं’ पर क्लिक करें।
  8. आपकी पूरी डिटेल्स जैसे बैंक का नाम, जन्मतिथि आ जाएगी।
  9. जमा प्रमाण पत्र की प्रति के साथ दावा अनुरोध फॉर्म भरें।
  10. सोसाइटी का नाम, सदस्यता नंबर, जमा राशि भरनी होगी।
  11. कोई लोन लिया है या पार्शियल पेमेंट मिला है तो ये बताना होगा।
  12. दावा राशि 50 हजार से ज्यादा है तो पैन कार्ड की डिटेल्स दें।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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