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क्या सचमुच समोसा-कचोरी बैन हो गए? PIB ने किया बड़ा खुलासा, जानें पूरा मामला

Written by:Ronak Namdev
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सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से समोसा कचोरी जैसे भारत के लोकल स्नैक्स को लेकर काफी सारी बातें की जा रही थी जिसको लेकर PIB ने फैक्ट चेक किया। आईए जानते हैं हेल्थ वार्निंग को लेकर उड़ रही ये अफवाहें कितनी सच है ।
क्या सचमुच समोसा-कचोरी बैन हो गए? PIB ने किया बड़ा खुलासा, जानें पूरा मामला

समोसा, कचोरी, जलेबी जो की भारत के लगभग हर कोने में मिलते हैं जिसे लोग बड़े ही चाव से खाते हैं लेकिन लोग सदमे में आ गए जब सोशल मीडिया पर उन्हें यह सुनने को मिला कि अब समोसे कचोरी सेहत के लिए हानिकारक है और इसे लेकर कई तरीके की बातें बनाए जाने लगी।

प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो जिसे PIB भी कहा जाता है, ने 15 जुलाई 2025 को यह साफ कर दिया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने समोसे कचोरी को लेकर किसी भी तरह की कोई हेल्थ वार्निंग जारी नहीं की है। वही यह भी दावा किया जा रहा था कि यह मोटापे का कारण है लेकिन इस पर भी सफाई देते हुए कहा गया, कि यह सलाह स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक सामान्य सुझाव है ना कि किसी खान को टारगेट करते हुए बोला गया है।

क्या थी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई सलाह

दरअसल स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह सलाह जारी की थी कि वर्क प्लेस जैसे की मीटिंग रूम कैंटीन या लॉबी आदि जगहों पर तेल या शुगर को लेकर लेबल लगाने का कहा गया था। इसका मकसद लोगों में बढ़ रहे मोटापे और ज्यादा शक्कर खाने वाले व्यक्तियों को सावधान करना था, ताकि वह अपनी सेहत का ध्यान रख सके लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे तोड़ मरोड़ के पेश कर दिया। इसके बाद PIB ने इस पर एक्शन लेते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह किसी खास खाने को टारगेट नहीं करता बल्कि खाने की चीजों में अवेयरनेस और संतुलन लाने के लिए दी गई थी।

स्ट्रीट फूड पर नहीं है कोई रोक

जानकारी दे दें की, यह सलाह वेंडर द्वारा बेचे जाने वाले खाने पर वार्निंग लेबल लगाने का निर्देश नहीं देता है और ना ही भारत के किसी स्थानीय खाने पर लेबल लगाने का निर्देश देता है यह सिर्फ एक सामान्य अवेयरनेस को लेकर उठाया कदम है।

इसके अलावा यदि आप एक अच्छी लाइफस्टाइल मेंटेन करना चाहते हैं तो अपने ऑफिस में सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और रोजाना व्यायाम जरूर करें जिससे कि आपको अपने मोटापे पर काबू पाने में मदद मिलेगी। पीआईबी ने यह भी अपील की की लोग फर्जी खबरों पर ध्यान ना दें और अधिकारीक जानकारी पर ही विश्वास करें।

Ronak Namdev
लेखक के बारे में
मैं रौनक नामदेव, एक लेखक जो अपनी कलम से विचारों को साकार करता है। मुझे लगता है कि शब्दों में वो जादू है जो समाज को बदल सकता है, और यही मेरा मकसद है - सही बात को सही ढंग से लोगों तक पहुँचाना। मैंने अपनी शिक्षा DCA, BCA और MCA मे पुर्ण की है, तो तकनीक मेरा आधार है और लेखन मेरा जुनून हैं । मेरे लिए हर कहानी, हर विचार एक मौका है दुनिया को कुछ नया देने का । View all posts by Ronak Namdev
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