शिवसेना यूबीटी और मनसे का संयुक्त प्रदर्शन, संजय राउत बोले- दो भाई एकजुट हुए, महाराष्ट्र देगा साथ

एमएनएस नेता और पूर्व विधायक बाला नांदगांवकर ने कहा कि यह प्रदर्शन नासिक से शुरू होकर हर तालुका और जिले में फैलेगा। जन आक्रोश मोर्चा भालेकर हाई स्कूल मैदान से शुरू होकर हुतात्मा चौक पर समाप्त हुआ।
शिवसेना यूबीटी और मनसे का संयुक्त प्रदर्शन, संजय राउत बोले- दो भाई एकजुट हुए, महाराष्ट्र देगा साथ

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने शुक्रवार को नासिक में जन आक्रोश प्रदर्शन का संयुक्त रूप से आयोजन किया। यह प्रदर्शन देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों, खासकर बिगड़ती कानून-व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर किया गया। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस अवसर पर कहा कि दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एकजुट हो गए हैं और अब महाराष्ट्र ठाकरे बंधुओं का अनुसरण करेगा।

राउत ने कहा, “शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस की उत्पत्ति एक ही है और हमारा संरक्षक एक ही है- बालासाहेब ठाकरे। इसलिए सत्तारूढ़ दलों को हमारा सामना करते समय सावधान रहना होगा।” उन्होंने नासिक में राहुल धोत्रे की हत्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार एक भगोड़े कॉरपोरेटर को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जो गृह मंत्रालय भी संभालते हैं, पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कॉरपोरेटर को गिरफ्तार नहीं किया गया तो गृहमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

प्रदर्शन नासिक से शुरू होकर हर तालुका तक

एमएनएस नेता और पूर्व विधायक बाला नांदगांवकर ने कहा कि यह प्रदर्शन नासिक से शुरू होकर हर तालुका और जिले में फैलेगा। जन आक्रोश मोर्चा भालेकर हाई स्कूल मैदान से शुरू होकर हुतात्मा चौक पर समाप्त हुआ। दोनों दलों के नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन न्यूनतम समर्थन मूल्य, शिक्षकों की समस्याओं और नासिक में बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को उजागर करने के लिए आयोजित किया गया था।

मतभेदों के चलते शिवसेना छोड़ दी

उल्लेखनीय है कि 2005 में राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे से मतभेदों के चलते शिवसेना छोड़ दी थी, लेकिन 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में दोनों दलों की हार ने उन्हें एकजुट होने के लिए प्रेरित किया। दोनों नेताओं ने हाल ही में मुंबई में एक मंच साझा किया था, जब सरकार ने तीन-भाषा फॉर्मूले को वापस लिया था। नासिक सहित कई शहरों में स्थानीय निकाय चुनाव जल्द होने की उम्मीद है, जिसके लिए दोनों दल अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं।

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