
जापान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंचे और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। अब यह मुलाकात पूरी दुनिया के लिए चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, दोनों के बीच लगभग 50 मिनट तक बातचीत हुई और इस बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग को भारत आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत में आयोजित होने वाले BRICS 2026 में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात में आतंकवाद के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे वैश्विक खतरा बताया और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने की बात कही।
क्या बोले राष्ट्रपति शी जिनपिंग?
चीन की ओर से भी यह मीटिंग बेहद पॉजिटिव रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि चीन के ड्रैगन और भारत के हाथी को एक साथ आना चाहिए। इसके बाद चीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक स्वागत किया गया। इस दौरान SCO समिति में आए सभी नेताओं ने एक साथ ग्रुप फोटो खिंचवाया। बता दें कि इस समिट में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी मौजूद थे।
दोनों देशों के लिए जरूरी थी यह मीटिंग
लंबे समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंचे हैं। यह 7 साल बाद उनका चीन दौरा है। शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी जापान दौरे के बाद चीन पहुंचे थे। हाल ही में भारत और पाकिस्तान के संबंधों ने एशियाई देशों को भी संकट में डाल दिया था। जबकि जून 2020 में गलवान में भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर झड़प हुई थी, जिससे दोनों देशों के संबंध खराब हुए थे। ऐसे में अब यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को सुधारने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तियानजिन शहर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग में भी हिस्सा लेंगे। बता दें कि 2025 में हो रही यह SCO समिट इतिहास की सबसे बड़ी बन गई है।
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