
Naxalite surrender in Telangana
सुरक्षाबलों का नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। आए दिन कई माओवादी हथियार डालते नजर आ रहे हैं। इस बीच, एक बार फिर नक्सलियों के बड़े दल ने आत्मसमर्पण किया है। छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा पर 37 नक्सलियों ने DGP शिवधर रेड्डी के सामने सरेंडर कर दिया है। इनमें 20-20 लाख के इनामी तीन राज्य समिति के सदस्य कोय्याल सांब्य्या उर्फ आजाद, अप्पासी नारायण उर्फ रमेश और मुचाकी सोमड़ा भी शामिल हैं।
सरकार ने दिए 1.41 करोड़ रुपए
बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार ने 1 करोड़ 41 लाख रुपए मौके पर प्रदान किए। इसी के साथ पुनर्वास योजना के तहत उन्हें अन्य विशेष सुविधाएं भी दी जाएंगी। इन नक्सलियों के पास से 8 बंदूकें, एक एके-47 और बहुत सारा गोला-बारूद बरामद किया गया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 25 महिला नक्सली शामिल थीं। आजाद ने सरेंडर के दौरान खुलकर कहा कि वे लंबे समय से मुख्यधारा में लौटना चाहते थे और संगठन को इसकी जानकारी देकर ही आए हैं।
तेलंगाना पुलिस ने बताया कि 2025 में अब तक 465 माओवादी कैडर सरेंडर कर चुके हैं, जिनमें 2 सेंट्रल कमिटी मेंबर और 11 स्टेट कमिटी मेंबर भी शामिल हैं। संगठन की संरचना लगातार कमजोर हो रही है। नेटवर्क टूट रहे हैं, सपोर्ट बेस घट रहा है, नेतृत्व में आंतरिक कलह बढ़ रही है। लगातार कई बर्ड नक्सली अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
सीएम रेवंत रेड्डी ने की थी अपील
बता दें कि तेलंगाना पुलिस द्वारा प्रेस रिलीज के मुताबिक कैडरों ने बताया कि वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की 21 अक्टूबर की अपील से प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने माओवादियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और राज्य के विकास में भागीदारी करने की अपील की थी।
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