देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बनाये जायेंगे सेल्फी पॉइंट्स, UGC ने बताई इसके पीछे की वजह, दिए ये निर्देश

Selfie points in universities, UGC News

Selfie points in India’s universities, UGC News : भारत के गौरवशाली क्षणों और उपलब्धियों की जानकारी देने एवं युवाओं को जागरूक करने के लिए अब देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सेल्फी पॉइंट्स बनाये जायेंगे, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से इस सम्बन्ध में चर्चा की है और निर्देश भी दिए हैं।

अप्रूव्ड डिजाइन के अनुसार ही बनाने होंगे सेल्फी पॉइंट्स 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अब देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में में सेल्फी पॉइंट्स बनवाने जा रहा है , UGC की तरफ से इस आशय के निर्देश विश्वविद्यालयों को दिए गए हैं, जानकारी के अनुसार यूजीसी ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों के बारे में युवाओं को जागरूक करने के लिए सेल्फी पॉइंट्स स्थापित करने के लिए कहा है। ये सेल्फी पॉइंट्स केवल शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किये गए 3डी ले आउट में अप्रूव्ड डिजाइन के अनुसार ही बनाने होंगे।

गर्व महसूस कराएँगे ये सेल्फी पॉइंट्स 

UGC के सचिव मनीष जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और वहां आने वाले विजिटर्स को सामूहिक गौरव की भावना को बढ़ावा देना चाहिए और इसमें ये सेल्फी  पॉइंट्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं , उन्हें इस सेल्फी पॉइंट्स पर फोटो क्लिक कर उसे सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर शेयर करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सेल्फी पॉइंट्स ना केवल गर्व महसूस कराएँगे बल्कि उस बातों को भी सामने लायेंगे जिन्होंने वैश्विक मंच पर भारत सम्मान बढ़ाया है।

राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत होंगी सेल्फी पॉइंट्स थीम  

जोशी ने कहा कि सेल्फी पॉइंट्स थीम में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” जैसी राष्ट्रीय भावना वाली पहल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं। जोशी ने कहा विभिन्न क्षेत्रों में हुई भारत की प्रगति से प्रेरणा लेकर स्टूडेंट्स के दिमाग को ढालने, युवाओं की ऊर्जा और उत्साह का उपयोग करने का ये अनूठा अवसर है, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बनने वाले ये सेल्फी पॉइंट्स राष्ट्रीय गौरव की भावना को पैदा करने के स्थान के रूप में उभरेंगे जिससे भावी पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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