कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व गृह मंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व सीएम सुशील कुमार शिंदे ने लिया राजनीति से संन्यास, बेटी को सौंपी विरासत

Sushil Kumar Shinde announces retirement

Sushil Kumar Shinde announced his retirement : लोकसभा चुनाव 2024 से पहले महाराष्ट्र कांग्रेस को  बड़ा झटका लगा है, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, देश के पूर्व गृह मंत्री पार्टी के कद्दावर नेता सुशील कुमार शिंदे ने अपने संन्यास की घोषणा कर दी, मंगलवार को दशहरे के एक कार्यक्रम में 83 साल के सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि अब मेरी बेटी प्रणीति शिंदे सोलापुर से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी,  मैं अब रिटायर आदमी की तरह हूँ, जहां जरूरत होगी वहां मदद जरूर करूंगा। आपको बता दें कि परिणीति शिंदे सोलापुर से तीन बार विधायक रह चुकी हैं और 2024 में उनके लोकसभा चुनाव लड़ने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री रहे हैं शिंदे 

महाराष्ट्र कांग्रेस के दिग्गज नेता सुशील कुमार शिंदे सोलापुर सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं। शिंदे मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री भी रह चुके हैं। 4 सितंबर 1941 को महाराष्ट्र में जन्मे शिंदे महाराष्ट्र कांग्रेस के बड़े नेता हैं वे  पहली बार 2003 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे और एक साल तक इस पद पर रहे फिर उन्हें आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया जहाँ वे 2006 तक पद पर रहे।

बेटी प्रणीति को सौंपी अपनी राजनीतिक विरासत

सुशील कुमार शिंदे ने अपनी विरासत बेटी प्रणीति शिंदे को सौंपने की घोषणा भी की, उन्होंने कहा कि अब मेरी बेटी प्रणीति शिंदे सोलापुर से लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। 42 वर्षीय बेटी प्रणीति शिंदे कांग्रेस वर्किंग कमेटी में विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।  2004 में उन्होंने मुंबई के सरकारी कॉलेज से वकालत की डिग्री ली है, प्रणीति सोलापुर सिटी सेंट्रल विधानसभा सीट से तीन बार की विधायक हैं, प्रणीति की मराठी के अलावा हिंदी और अंग्रेजी पर भी अच्छी पकड़ है वे अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर भी चर्चा में रहती हैं, एक बार प्रणीति ने कहा था क‍ि योगी का स्थान मंदिर और मठ में है, राजनीति में नहीं।

जब सोलापुर से हार गए थे सुशील शिंदे

2019 में हुए लोकसभा चुनाव में सुशील कुमार शिंदे सोलापुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव हार गए थे उन्हें भाजपा के डॉ जयसिद्धेश्वर शिवाचार्य ने हराया था सांसद हैं। सुशील कुमार शिंदे ने चुनाव से पहले ही उस समय घोषणा कर दी थी कि यह मेरा आखिरी चुनाव है। अब उन्होंने अपने रिटायर्मेंट की ही घोषणा कर दी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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