Sex Racket : व्हाट्सएप पर फोटो भेज होती थी बुकिंग, आपत्तिजनक हालात में कई गिरफ्तार

sex racket

देहरादून, डेस्क रिपोर्ट। उत्तराखंड (Uttarakhand) के हल्द्वानी में एक बार फिर बड़े सेक्स रैकेट ( Haldwani Sex Racket) का खुलासा हुआ है। यहां पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर दबिश देकर 2 संचालिकाओं समेत 8 युवक युवतियों को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात तो ये है कि यहां मसाज के नाम पर 10-10 हजार रुपए में लड़किया नौकरी पर बुलाई जाती थीं और फिर व्हाट्सएप पर फोटो भेजकर उनकी बुकिंग होती थी।इसके बाद रेट तय किए जाते थे।पुलिस की इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है।

यह भी पढ़े.. हैवानियत : पति को था अवैध संबंध का शक, पत्नी के प्राइवेट पार्ट को सुई-धागे से सिला

मिली जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की टीम ने पनचक्की के पास स्थित एक स्पा सेंटर में छापा मारा है।इस दौरान स्पा सेंटर में काम करने वाली दो युवतियां व दो युवक कमरे में आपत्तिजनक हालत (Sex Racket busted) में पाए गए। टीम ने यहां से स्पा मैनेजर, दो संचालिकाओं समेत 8 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया। वही दो महिलाओं का रेस्क्यू किया गया। काम करने वाली दोनों युवतियां मूल रूप से झारखंड की रहने वाली है। इन्हें काउंसलिंग के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजा जाएगा। दो दिन पहले ही वह दिल्ली से हल्द्वानी पहुंची थी।

यह भी पढ़े.. Transfer : मध्य प्रदेश में फिर हुए अधिकारियों के तबादले, यहां देखें लिस्ट

वही युवक अमरोहा और हल्द्वानी जिले के रहने वाले हैं। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में रेस्क़्यू की गई 2 युवतियों ने बताया कि वो 10-10 हजार रुपए की नौकरी के लिए यहां पर काम करती हैं। इस दौरान पुलिस को कई चैट (Social Media) मिले हैं, इसमें बाहर और नैनीताल जिले से जुड़े मोबाइल नंबर भी बताए जा रहे हैं।चौंकाने वाली बात ये है कि इस रैकेट को सोशल मीडिया के माध्यम से चलाया जाता था। युवतियों की फोटो ग्राहकों को व्हाट्सएप (Whatsapp Photo) पर भेजी जाती थी और फोटो सिलेक्ट होने के बाद युवतियों की बुकिंग के लिए रेट तय किया जाता था। सेंटर से आपत्तिजनक सामग्री व नगदी भी पुलिस ने जब्त किए है।फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews