नई दिल्ली: अक्सर केंद्र सरकार के कई फैसलों पर सधा हुआ रुख अपनाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर तीखी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बजट में केरल की पूरी तरह से अनदेखी का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक के बाद एक सात पोस्ट किए। थरूर ने इसे ‘अदृश्य केरल का बजट’ करार देते हुए कहा कि यह अपने आप में एक संदेश है।
पहले बजट भाषण को कम जानकारी वाला बताने वाले थरूर ने बाद में विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो राज्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार, कुशल कार्यबल और सॉफ्ट पावर में इतना बड़ा योगदान देता है, वह केंद्र के वित्तीय विजन से पूरी तरह गायब है।
‘अदृश्य केरल का बजट’
शशि थरूर ने अपने पोस्ट में लिखा कि वित्त मंत्री के भाषण में एक बेचैन करने वाली भावना थी। उन्होंने केरल की उपेक्षा पर चिंता जताते हुए कहा:
“आज वित्त मंत्री के भाषण में एक बेचैन करने वाली पुरानी यादों का एहसास है। एक ऐसा राज्य जो देश के फॉरेक्स रिजर्व, स्किल्ड वर्कफोर्स और सॉफ्ट पावर में इतना मजबूत योगदान देता है, ऐसा केरल केंद्र के फाइनेंशियल विजन में पूरी तरह से गायब लगता है। चुनावी साल में ‘अदृश्य केरल का बजट’ अपने आप में एक संदेश है।”- शशि थरूर, कांग्रेस सांसद
स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठाए सवाल
थरूर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में केरल के साथ हो रहे भेदभाव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देशभर में 22 AIIMS बन चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य के मानकों में आगे रहने वाले केरल को इससे बाहर रखना हैरान करने वाला है।
उन्होंने लिखा, “केरल के लिए AIIMS पर चुप्पी बनी हुई है। यहां तक कि ऑल-इंडिया आयुर्वेद इंस्टीट्यूट का वादा भी एक सपना ही बना हुआ है, क्योंकि केरल का जिक्र नहीं है। एक मेडिकल हब के तौर पर तिरुवनंतपुरम की क्षमता को सिस्टमैटिक तरीके से दबाया जा रहा है।”
The deafening silence on AIIMS for Kerala continues for yet another year. With 22 institutes established nationally, excluding a health-pioneering state like ours is baffling. Even the promise of an All-India Institute of Ayurveda remains a mirage since Kerala is not mentioned.…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) February 1, 2026
हाई-स्पीड रेल और विझिंजम पोर्ट
कांग्रेस सांसद ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लेकर भी केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि देशभर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन इसमें केरल को शामिल न करना ठीक नहीं है।
थरूर ने लिखा, “हम एक उच्च-घनत्व वाला राज्य हैं, जो आधुनिक परिवहन के लिए तरस रहा है। केंद्र हमें नजरअंदाज करता है, और राज्य ऐसे कागजी प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव देता है, जिन्हें वह वहन नहीं कर सकता। हमारे यात्रियों के पास कुछ नहीं बचता। हमें असली ट्रेनों की जरूरत है, नए एक्रोनिम्स की नहीं।”
इसके अलावा, उन्होंने विझिंजम पोर्ट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह भारत के समुद्री व्यापार का गेटवे और एक राष्ट्रीय संपत्ति है, फिर भी इसकी लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए कोई विशेष आवंटन नहीं किया गया, जबकि दूसरे बंदरगाहों को भारी मदद दी जा रही है।
The announcement of 7 new High-Speed Rail Corridors across India is welcome for the nation, but the glaring exclusion of Kerala is indefensible. We are a high-density state crying out for modern transit. The Centre ignores us, and the State proposes paper projects it cannot…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) February 1, 2026





