
कांग्रेस सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच का रिश्ता भारत से स्वतंत्र है और इसमें बहुआयामी सहयोग शामिल है। उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, “अमेरिका और पाकिस्तान के बीच एक रिश्ता है, जो भारत से अलग है। हालांकि, हाल के संदर्भ में यह भारत में बहुत बुरा लगता है।”
थरूर ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका को यह समझाने में सफलता हासिल की है कि वह आतंकवाद-विरोधी लड़ाई में, विशेष रूप से आईएसआईएस जैसे समूहों के खिलाफ, एक अनिवार्य सहयोगी है। उन्होंने बताया कि जो आतंकवादी संगठन भारत पर हमला करते हैं, वे अमेरिका पर हमला करने वालों से अलग हैं। उन्होंने कहा, “9/11 के बाद और ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तानी धरती पर पाए जाने के बावजूद, पाकिस्तान ने अमेरिकियों को यह विश्वास दिलाया कि वे आतंकवाद-विरोधी लड़ाई में अपरिहार्य हैं। जो आतंकवादी भारत पर हमला करते हैं, वे अमेरिका पर हमला नहीं करते।“
अमेरिका और पाकिस्तानी सेना पर हमला
शशि थरूर ने कहा कि आईएसआईएस जैसे समूह, जो अमेरिका और पाकिस्तानी सेना पर हमला करते हैं, उनके खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई को अमेरिका के सामने एक सफल रणनीति के रूप में पेश किया जाता है। कांग्रेस सांसद ने जोर देकर कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंध तब और गहरा हुआ जब अफगानिस्तान से सोवियत संघ को बाहर करने के लिए सहयोग बढ़ा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान सेंटो और सीटो जैसे अमेरिका-प्रायोजित सैन्य गठबंधनों का हिस्सा था। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अमेरिका का पुराना सहयोगी रहा है। जब सोवियत संघ ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया, तब पाकिस्तान मुजाहिदीन के प्रयासों के लिए अमेरिका का आधार बना, जिससे दोनों देशों का सहयोग और मजबूत हुआ।“
‘भारत को नहीं भूलना चाहिए इतिहास’
पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर के हाल में वाशिंगटन दौरे के सवाल पर थरूर ने कहा कि भारत को इस इतिहास को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को अमेरिकी मार्गदर्शन और सहयोग से स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा, “पिछले 30 वर्षों से भारत और अमेरिका के बीच गर्मजोशी रही है, लेकिन पुराने इतिहास को नहीं भूलना चाहिए। कई पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अमेरिका में प्रशिक्षित हैं, और कई खुफिया एजेंटों ने अमेरिकियों के साथ काम किया है। ये रिश्ते लंबे और गहरे हैं।“
