
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई, आईसीसी और एशिया कप के अधिकारी बीजेपी के लोग हैं, जिन्होंने रविवार को भारत-पाकिस्तान मैच सिर्फ पैसे कमाने के लिए रखा। मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने कहा, “पहले कहा जाता था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। लेकिन मैं देश की जनता का शुक्रिया करता हूं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान एशिया कप मैच का बहिष्कार किया। यही देश की भावना है।“
उन्होंने कहा कि बीजेपी इस भावना का इस्तेमाल चुनावों में करना चाहती है। पाकिस्तान ने 2025 में बिहार में होने वाले हॉकी एशिया कप से नाम वापस ले लिया, तो भारत एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से क्यों नहीं हट सकता? ठाकरे ने कहा, “बीसीसीआई, आईसीसी और एशिया कप के अधिकारी बीजेपी के पदाधिकारी हैं, जिन्होंने रविवार को भारत-पाक मैच रखकर पैसा कमाने की कोशिश की।”
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का कड़ा विरोध
इससे पहले रविवार को शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो में कहा, “यह मैच भारत बनाम पाकिस्तान नहीं, बल्कि बीसीसीआई बनाम पाकिस्तान है। असली टीम इंडिया आतंकवादियों के साथ नहीं खेलेगी और न ही देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएगी।” उन्होंने लोगों से मैच का बहिष्कार करने की अपील की थी।
दफ्तर के सामने पाकिस्तान का झंडा जलाया
रविवार को ही शिवसेना यूबीटी ने तिरुवनंतपुरम में एकाउंटेंट जनरल के दफ्तर के सामने पाकिस्तान का झंडा जलाकर भारत-पाकिस्तान एशिया कप मैच का विरोध किया। उसी दिन मुंबई में शिवसेना यूबीटी की महिला कार्यकर्ताओं ने सिंदूर के साथ प्रदर्शन कर भारत के इस मैच में हिस्सा लेने का विरोध किया। वहीं, रविवार को हुए मैच में भारत ने पाकिस्तान को ग्रुप ए के मुकाबले में सात विकेट से करारी शिकस्त दी। टी20 में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड अब 11-3 हो गया है। यह मैच अप्रैल में पहलगाम हमले और इसके जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली भारत-पाकिस्तान भिड़ंत थी।
