असम (Assam) में मशहूर गायक जुबीन गर्ग की सिंगापुर में हुई मौत एक रहस्य बनकर रह गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे हत्या मानते हुए जांच शुरू की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि जिन्होंने यह किया है, वे कानून से बच नहीं पाएंगे।
हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा में गायक जुबीन गर्ग की मौत के मुद्दे पर चर्चा के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा पर यह बात कही। कार्य स्थगन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के अनुरोध पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया था।
जुबीन गर्ग की मौत हत्या का मामला
मंगलवार को असम विधानसभा में काफी गरगर्मी का माहौल रहा है। इसके साथ ही जुबीन की मौत का मुद्दा भी उठ गया। जिस पर मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय गायक जुबीन की हुई मौत स्पष्ट तौर पर हत्या का मामला है। गर्ग की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी हैं।
इसके साथ ही CM ने कहा कि विपक्ष के बेहूदा बयानों को सुनकर ऐसा लगता है कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के चक्कर में ये लोग जुबीन गर्ग के हत्यारों की ही वकालत कर रहे हैं। इनकी निगाहें कहीं और हैं और निशाने कहीं और। उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस की CID के तहत गठित SIT ने अब तक इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, 252 गवाहों से पूछताछ की है और 29 वस्तुएं जब्त की हैं।
अब तक 7 लोगों की हुई गिरफ्तारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से- श्यामकानु महंता, सिद्धार्थ शर्मा, शेखर ज्योति गोस्वामी, अमृतप्रभा महंता, ये सभी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा, ज़ुबीन के चचेरे भाई संदीपान गर्ग और उनके दो PSO- नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि असम के मशहूर सिंगर 52 वर्षीय जुबीन गर्ग 20 सितंबर को सिंगापुर में होने वाले एक इवेंट में परफॉर्म करने पहुंचे थे। जहां ठीक एक रात पहले 19 सितंबर को समुद्र में तैरते समय उनकी मौत हो गई। जिसके बाद से ये मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।





