Delhi News: दिल्ली में छह दिन चली वकीलों की हड़ताल समाप्त, गृह मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

Delhi News: दिल्ली में छह दिन चली वकीलों की हड़ताल समाप्त, गृह मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

दिल्ली में छह दिनों से जारी वकीलों की हड़ताल आखिरकार 28 अगस्त को समाप्त हो गई। वकीलों का यह आंदोलन उपराज्यपाल (LG) द्वारा जारी 13 अगस्त की अधिसूचना के खिलाफ था, जिसमें पुलिस थानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने की अनुमति दी गई थी। इस अधिसूचना को वकीलों ने न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना और इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मिले आश्वासन और दिल्ली पुलिस की ओर से दिए गए स्पष्ट बयान के बाद वकीलों ने आंदोलन को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है।

एलजी के नोटिफिकेशन पर वकीलों का ऐतराज

दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा 13 अगस्त को एक अधिसूचना जारी की गई थी जिसमें यह कहा गया था कि अब पुलिस थानों से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाहियां दी जा सकती हैं। वकीलों का कहना था कि यह व्यवस्था अभियोजन पक्ष को अनुचित लाभ देती है और इससे निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होगी। इसके विरोध में 22 अगस्त से दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकीलों ने कामकाज ठप कर हड़ताल शुरू कर दी थी।

अदालतों में कामकाज ठप, प्रदर्शन और विरोध

22 अगस्त से लेकर 28 अगस्त तक दिल्ली की सभी जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा। वकीलों ने LG के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, पुतले फूंके और न्यायालय परिसर में रैलियां भी कीं। विरोध प्रदर्शन का स्वर इतना तीव्र था कि न्यायिक कार्यवाही लगभग पूरी तरह से ठप हो गई, जिससे आम जनता और मुकदमों की प्रक्रिया पर असर पड़ा।

गृह मंत्री की दखल के बाद मिला आश्वासन

28 अगस्त को नई दिल्ली बार एसोसिएशन (एनडीबीए) के प्रतिनिधियों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रतिनिधि से बैठक हुई। इस बैठक में वकीलों को यह आश्वासन मिला कि सभी हितधारकों से बात करने के बाद ही अधिसूचना को लागू किया जाएगा। दिल्ली पुलिस कमिश्नर की ओर से भी स्पष्ट कर दिया गया कि तब तक यह व्यवस्था प्रभावी नहीं होगी जब तक इस पर सरकार अंतिम फैसला नहीं ले लेती।

एनडीबीए ने किया आंदोलन स्थगित, शाह से होगी सीधी बातचीत

एनडीबीए के सचिव तरुण राणा ने एक बयान में कहा कि गृह मंत्री के स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल आंदोलन को स्थगित किया गया है। शुक्रवार 29 अगस्त को प्रस्तावित उपराज्यपाल भवन के सामने प्रदर्शन और सभी जिला अदालतों में कामकाज से दूरी का आह्वान फिलहाल स्थगित किया गया है। अब बार प्रतिनिधि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधी बातचीत करेंगे और अंतिम निर्णय उनके साथ विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा।

आगे क्या? बार और सरकार के बीच संवाद जारी रहेगा

हालांकि हड़ताल स्थगित कर दी गई है, लेकिन एनडीबीए ने स्पष्ट किया है कि अगर बार के पक्ष को उचित महत्व नहीं दिया गया, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। अब सभी की निगाहें गृह मंत्री अमित शाह और वकीलों के बीच होने वाली मुलाकात पर टिकी हैं। बार एसोसिएशन का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी तरह का पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी निर्णय न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए।

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