
सोनम वांगचुक पिछले कुछ दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं। आज 19वें दिन भी उनका अनशन लगातार जारी है। अब दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी सेहत को लेकर लगी जनहित याचिका पर सुनवाई करने का फैसला लिया गया है। दरअसल, यह याचिका उन्हें जबरदस्ती खाना खिलाने के लिए लगाई गई है।
मुख्य न्यायाधीश तेजस उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने बुधवार को होने वाली सुनवाई को टाल दिया क्योंकि बार एसोसिएशन की हड़ताल की वजह से वकील उपस्थित नहीं हुए थे। अब इस पर गुरूवार यानी आज सुनवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक के लिए याचिका
कोर्ट की ओर से या आदेश दिया आ गया है कि याचिका की प्रति अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और दिल्ली सरकार के वकील को उपलब्ध करवाई जाए। यह याचिका राकेश कुमार सैनी ने लगाई है जिसमें कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के पूरे देश के सामने अपनी जान देने की स्थिति बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह भी कहा गया है कि उनसे बातचीत करें और उनकी मदद के लिए आगे बढ़े। वहीं अगर जरूरत पड़ती है तो उन्हें फोर्स फीडिंग कराने का अनुरोध भी किया गया है।
क्यों कर रहे हैं भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। वो NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल हुए थे। याचिका में इस बात का भी उल्लेख है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और उसके प्रति सरकार की उदासीनता आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा अपराध है।
याचिकाकर्ता का क्या कहना
इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना है कि अगर वांगचुक की जान चली जाती है तो यह देश के लिए शर्म की बात होगी। सरकार भले ही चिंता नहीं दिख रही है लेकिन अदालत किसी नागरिक को जानबूझकर मरने नहीं दे सकती। अब इस याचिका पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
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