सोनिया गांधी ही बनी रहेंगी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष, CWC की बैठक में फैसला

सोनिया गांधी ही बनी रहेंगी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष, CWC की बैठक में फैसला

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट
भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (Indian National Congress) में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मची हलचल के बाद अब कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) फिलहाल पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी| सीडब्ल्यूसी (CWC) की बैठक में उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की थी और कहा था कि सीडब्ल्यूसी नया अध्यक्ष चुनने के लिए प्रक्रिया आरंभ करे|

बैठक में निर्णय लिया गया है कि सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी और जल्द से जल्द अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। इससे पहले आज CWC मीटिंग में काफी उठा-पटक देखने को मिली| सबसे पहले खबर आई कि सोनिया गांधी ने अपने ओहदे से इस्तीफा देने की पेशकश की थी| उसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी में नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि जब पार्टी राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में विरोधी ताकतों से लड़ रही थी और सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं तो उस समय ऐसा पत्र क्यों लिखा गया|

इसके अलावा कपिल सिब्बल के ट्वीट करते हुए माहौल गरम कर दिया कि राहुल गांधी ने खत भेजने वाले कुछ लीडरों पर भाजपा से मिलीभगत का इल्ज़ाम लगाया है| बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा के बाद अध्यक्ष पद पर कोई निर्णय नहीं हुआ| इसके बाद फैसला लिया गया है कि सोनिया गांधी ही कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews