स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर विपक्ष का हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही 10 मार्च तक स्थगित, राहुल गांधी का पलटवार

राहुल गांधी ने फिर कहा कि नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से ट्रेड डील साइन कर ली है और हमने स्टॉक मार्केट का हाल देख लिया है। देश को बहुत जबरदस्त चोट लगने वाली है।
Parliament House

Parliament House

लोकसभा में आज सोमवार को शुरू हुई बजट सत्र के दूसरे चरण की कार्यवाही में एक बाद फिर विपक्ष का हंगामा दिखाई दिया, विपक्षी सांसदों ने वेल में पहुंचकर आसंदी के सामने हंगामा किया, चेयर से बार बार अनुरोध करने के बाद भी विपक्ष के सांसद शांत नहीं हुए, जिसके चलते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी और लोकसभा की कार्यवाही कल 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।

लोकसभा में आज विपक्ष द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को आसंदी द्वारा स्वीकार करने के बाद विपक्ष ने पहले पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा, जिसे संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नियम विरुद्ध बताया, उन्होंने कहा कि विपक्ष नियम से सदन चलाना नहीं चाहता वो एक व्यक्ति के मन के मुताबिक सदन चलाना चाहते हैं, ये स्वीकार नहीं है, सदन संविधान और नियन कानून के हिसाब से चलेगा।

ससंदीय कार्यमंत्री के बयान के बावजूद विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा , कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी सांसद शोर शराबा करते रहे जिसके चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, आसंदी पर बैठे जगदम्बिका पाल ने विपक्ष के सांसदों को समझाइश दी कि आपने जो अविश्वास प्रस्ताव लाया है नियमानुसार पहले उसपर चर्चा होगी उसके बाद अन्य मुद्दों पर, लेकिन विपक्ष शोर शराबा और हंगामा करता रहा, सांसद चेयर के सामने हंगामा करते रहे जिसपर आसंदी ने उन्हें कड़ी फटकार भी लगाई।

आसंदी ने कहा आप अविश्वास प्रस्ताव को राजनीतिक एजेंडा बनाना चाहते हैं?

पीठासीन जगदम्बिका पाल ने विपक्ष के सांसदों के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा आपने ही स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया उन्होंने हाई मोरल ग्राउंड पर तय किया कि जब तक फैसला नहीं होता तब तक वे सदने में नहीं आएंगे तो आप क्या चाहते हैं, आप चर्चा भी नहीं चाहते तो क्या ये चाहते हैं कि स्पीकर लोकसभा में ना आये , आप इसे राजनीतिक एजेंडा बनाना चाहते हैं।

जगदम्बिका पाल ने विपक्ष के आचरण और व्यवहार  की निंदा की 

जगदम्बिका पाल ने कहा स्पीकर यहां के कस्टोडियन हैं, आप ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया, वो प्रस्ताव आज मंजूर हुआ है, जिस सांसद ने प्रस्ताव पेश किया है, उसे बोलने की अनुमति दे रहा हूं लेकिन, आप सदन नहीं चलने देना चाहते हैं,  देश देख रहा है कि सरकार सदन चलाना चाहती है, आप नहीं चलाना चाहते, ये गैर-जिम्मेदाराना आचरण है, अपरिपक्व व्यवहार है।

विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही 10 मार्च तक के लिए स्थगित 

पीठासीन जगदम्बिका पाल ने कहा, सदन चलाने में डेढ़ करोड़ प्रति घंटा खर्च होता है, एक-एक मिनट का ढाई लाख रुपया खर्च होता है, एक दिन में 9 करोड़ खर्च होता है, ये सब जनता का पैसा है जिसे अपने गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने बहुत समझाने के बाद लोकसभा की कार्यवाही को कल 10 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

राहुल फिर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्लैकमेल हो चुके हैं

उधर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ब्लैकमेल हो चुके हैं,  Compromised हैं, इसलिए संसद से भाग गए हैं। अब वो सदन के अंदर नहीं आ पाएंगे, राहुल ने काह पश्चिम एशिया में Paradigm shift करने की लड़ाई चल रही है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान होने वाला है। पश्चिम एशिया एक जरूरी मुद्दा है, क्योंकि उसका असर तेल की कीमत और भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

विपक्ष की मांग पहले पश्चिम एशिया मुद्देपर बात की जाये  

राहुल गांधी ने फिर कहा कि नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से ट्रेड डील साइन कर ली है और हमने स्टॉक मार्केट का हाल देख लिया है। देश को बहुत जबरदस्त चोट लगने वाली है। ये सभी जनता से जुड़े जरूरी मुद्दे हैं इसलिए हम इन मुद्दों पर संसद में चर्चा करने की मांग कर रहे हैं, उसके बाद स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कर लेंगे जिसे मोदी सरकार नहीं मान रही।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews