
Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को दीवाली से पहले तोहफा दिया है। कोर्ट ने क्षेत्र में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग पर लगी पाबंदी को दीपावली तक के लिए हटा लिया है। इस फैसले के तहत सिर्फ राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (NEERI) द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों को 21 अक्टूबर तक बेचने और जलाने की अनुमति दी गई है।
बता दें कि कोर्ट ने 10 अक्टूबर की सुनवाई में ग्रीन पटाखों से संबंधित याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा था कि क्या पटाखों पर प्रतिबंध से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में कोई सुधार देखा गया है।
दिल्ली-एनसीआर को दिवाली का तोहफा
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में दीवाली के अवसर पर ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी है। यह आदेश दिल्ली और पूरे एनसीआर पर लागू होगा, जिसमें हरियाणा के 22 में से 14 जिले शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ पटाखा उद्योग की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह संतुलित निर्णय लिया।
जानिए तारीख और समय
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ग्रीन पटाखे सिर्फ 18 से 21 अक्टूबर तक ही बेचे और जलाए जा सकते हैं। पटाखे जलाने का समय सुबह 6 से 7 बजे तक और शाम को 8 से 10 बजे के बीच निर्धारित किया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा प्रमाणित और QR कोड वाले पटाखों की ही बिक्री और उपयोग की अनुमति होगी।
सुप्रीम कोर्ट का संतुलित दृष्टिकोण
मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने सुनवाई में कहा कि पारंपरिक पटाखों की तस्करी से पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है, जो ग्रीन पटाखों की तुलना में कहीं अधिक प्रदूषणकारी हैं। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और दीवाली की परंपराओं के बीच संतुलन बनाना जरूरी है इसलिए सिर्फ NEERI द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों को ही अनुमति दी गई है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक रहेगी और नकली ग्रीन पटाखों की बिक्री पर लाइसेंस रद्द करने की सख्त कार्रवाई होगी।
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

