CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी

याचिका में तर्क दिया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनावों की देखरेख, निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार किसी एक मुख्य चुनाव आयुक्त को नहीं बल्कि चुनाव आयोग को दिया गया।
Supreme Court Dismisses Demand Suspend CEC Gyanesh Kumar

Supreme Court Dismisses Demand Suspend CEC Gyanesh Kumar

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त यानि CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, मामले को CJI  सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुना और दलीलों को सुनने के बाद CEC के निलंबन की मांग को ख़ारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा एक न्यूज़ रिपोर्ट के आधार पर अदालत कोई आदेश जारी नहीं कर सकती। कोर्ट ने याचिका में उठाये गए बिन्दुओं पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है, हालाँकि कोर्ट ने ये संकेत भी दिए कि यदि CEC ने कोई फैसले बिना आम सहमति के लिए हैं तो उन्हें वापस लिया जा सकता है।

देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस लंबे समय से वोट चोरी का आरोप भाजपा पर लगा रही है, राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के पक्ष में वोट चोरी के आरोप लगाये उन्हें भाजपा का एजेंट तक कहा, कांग्रेस को उसके आरोपों पर और मजबूती तब मिली जब इंडियन एक्सप्रेस ने वोट चोरी का खुलासा किया इस रिपोर्ट के बाद देश में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल बना हुआ है उनके निलंबन, इस्तीफे, बर्खास्तगी की मांग हो रही है, विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं इस मामले में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगी है आज इसी पर सुनवाई हुई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा न्यूज़ रिपोर्ट के आधार पर आदेश नहीं दे सकते 

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की रिपोर्ट के आधार पर पटना एक एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है और मुख्य चुनाव आयुक्त के निलंबन की मांग की है याचिका में CEC द्वारा एकतरफा लिए गए फैसलों को वापस लेने की मांग की गई है, याचिका की सुनवाई  सीजेआई सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच में हुई, बेंच ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग को ख़ारिज कर दिया कोर्ट ने कहा एक न्यूज़ रिपोर्ट के आधार पर अदालत कोई आदेश नहीं दे सकती, कोर्ट ने याचिका में उठाये गए बिन्दुओं पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जवाब माँगा है।

…तो CEC द्वारा बिना सहमति लिए फैसले वापस होंगे  

न्यूज़ रिपोर्ट को आधार बनाकर सर्वोच्च अदालत पहुंची याचिका में कहा गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने  कई फैसले ऐसे लिए जिसमें  दो अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति नहीं ली यानि मनमानी की, जबकि दोनों चुनाव आयुक्तों ने करीब 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई लेकिन CEC ने इसपर ध्यान नहीं दिया, सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय को सुनकर कहा कि हमें जवाब माँगा है यदि ECI का जवाब देखने के बाद उसे लगता है कि CEC ने कुछ फैसले बिना ज़रूरी आम सहमति के लिए थे, तो वह उन फैसलों पर दोबारा विचार कर सकता है या उन्हें वापस ले सकता है।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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