आम आदमी पार्टी की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दरअसल पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने अचानक पार्टी छोड़ दी है। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालिवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत सिंह सहनी का नाम शामिल है। इनमें से तीन सांसदों ने बीजेपी जॉइन कर ली है, जिसके बाद विपक्षी राजनीति में हलचल देखने को मिली। वहीं इस पूरे मामले पर अब अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
जो लोग डर गए हैं वही बीजेपी में जा रहे : तेजस्वी यादव
दरअसल आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस घटनाक्रम पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग डर गए हैं या दबाव में आ गए हैं वही बीजेपी में जा रहे हैं। उनके मुताबिक लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ने वाले सभी नेता बीजेपी में नहीं हैं। इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने यह भी कहा है कि जब आम आदमी पार्टी के बड़े नेता जेल में थे तब राघव चड्ढा विदेश में थे।
जानें क्यों बढ़ी इतनी सियासी हलचल?
दरअसल आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि पार्टी के कई अहम चेहरे एक साथ अलग हो गए हैं। खास बात यह है कि ये सभी राज्यसभा सांसद थे जो पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे थे। राघव चड्ढा को पार्टी का युवा और प्रभावशाली चेहरा माना जाता था। वहीं इस बीच अरविन्द केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी ने एक बार फिर पंजाबियों के साथ धक्का किया है। वहीं मनीष सिसोदिया के समर्थकों ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं।
राघव चड्ढा का बयान
वहीं राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने के फैसले को लेकर अपनी सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि उनके सामने दो ही विकल्प थे या तो वे राजनीति छोड़ दें या फिर बीजेपी में शामिल हो जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में उन्होंने राजनीति जारी रखने का रास्ता चुना है।
हालांकि तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर आगे बोलते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन अभी भी मजबूत है और कई राज्यों में चुनावी लड़ाई जारी है। उन्होंने भरोसा जताया कि तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन फिर सरकार बनाएगा और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी जीत दर्ज करेंगी। उनके मुताबिक विपक्ष का फोकस अभी भी जनता के मुद्दों पर है।






