डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बड़ा झटका लगा है। दरअसल रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंकिंग नियमों का पालन नहीं करने के कारण इसका लाइसेंस रद्द कर दिया है। इसके बाद यह बैंक किसी भी तरह की बैंकिंग सेवा नहीं दे सकेगा। हालांकि यूजर्स के पैसे को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आरबीआई ने साफ कहा है कि ग्राहकों की जमा राशि सुरक्षित है।
दरअसल आरबीआई के अनुसार ऑडिट रिपोर्ट में कई बार नियमों की अनदेखी सामने आई थी। वहीं इसी कारण बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के तहत कार्रवाई की गई। अब बैंक को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन किया जाएगा। हालांकि इस फैसले के बाद भी पेटीएम ऐप की कई सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी जिससे आम यूजर्स और दुकानदारों को तुरंत बड़ी परेशानी नहीं होगी।

क्या UPI पेमेंट पर पड़ेगा असर ?
वहीं आरबीआई के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पेटीएम इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों पर इसका असर पड़ेगा? जानकारी दे दें कि पेटीएम ऐप पर UPI के जरिए होने वाले पेमेंट पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा। दरअसल पेटीएम की UPI सेवा सीधे पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर निर्भर नहीं है। यह कई दूसरे बैंकों के साथ मिलकर काम करती है। इसलिए यूजर्स पहले की तरह UPI से पैसे भेज और प्राप्त कर सकेंगे। दुकानों पर लगे QR कोड से पेमेंट करना भी जारी रहेगा।

इसके साथ ही मर्चेंट के लिए इस्तेमाल होने वाला साउंडबॉक्स भी काम करता रहेगा, जिससे दुकानदारों को पेमेंट का ऑडियो कन्फर्मेशन मिलता है। इसका मतलब यह है कि रोजमर्रा के डिजिटल पेमेंट पर तुरंत कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
वॉलेट, फास्टैग और ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?
हालांकि कुछ सेवाओं पर असर जरूर पड़ेगा। बता दें कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़े वॉलेट और FASTag में अब नया पैसा जोड़ना संभव नहीं होगा। यानी यूजर्स इन अकाउंट्स में नया टॉप-अप नहीं कर पाएंगे। लेकिन अगर किसी यूजर के वॉलेट या खाते में पहले से पैसा पड़ा है तो उसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। आरबीआई ने भरोसा दिलाया है कि बैंक के पास ग्राहकों को पैसा लौटाने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है। यूजर्स अपने अकाउंट में मौजूद बैलेंस को निकाल सकते हैं या उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार खर्च कर सकते हैं।






