देशभर के सभी बैंकों और एनबीएफसी को रेगुलेट करने का काम रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) करता है। बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों की सुरक्षा और दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करता है। अप्रैल में एक बार फिर आरबीआई की कार्रवाई देखने को मिली है। दो बैंकों और एक फाइनेंस कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। इस बात की जानकारी सेंट्रल बैंक ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए 23 अप्रैल 2026 को दी है।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित डॉ बाबासाहेब आंबेडकर नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड पर 80,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिला सहकारी बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। एपिक्स पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। यह कार्रवाई नियमों के अनुपालन में खामियों पर आधारित है।
बैंकों पर क्यों लगा जुर्माना?
डॉ बाबासाहेब आंबेडकर नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड ने कुछ एडवांस पर निर्धारित विनियामक सीमा का पालन नहीं किया। इसके अलावा पर्यवेक्षी करवाई ढांचा (SAF) के तहत निर्देशों का पालन न करते हुए पर भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दी जाने वाली दरों से अधिक ब्याज दरें ऑफर की।
हरदोई जिला सहकारी बैंक लिमिटेड ने जोखिम कैटेगरी वाले खातों को समय-समय पर रिव्यू करने के लिए सिस्टम स्थापित करने में विफल रहा। नियमों के तहत यह काम समय-समय पर कम से कम 6 महीने में एक बार होना चाहिए। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विनियामक खामियों पर आधारित है। ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या समझौते पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी पर क्यों लगा जुर्माना?
एबिक्स पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड ने केवाईसी से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया। कंपनी अपने कस्टमर का रिस्क कैटेगरी करने में विफल रही। जून 2024 से लेकर मई 2025 के बीच कंपनी की वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए निरीक्षण किया था। दिशानिर्देशों के अनुपालन में खामियों को देखते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस पर प्राप्त जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान सभी आरोप सही पाए गए। जिसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।






