Hindi News

वन विभाग की टीम पर माफिया का हमला, थाने में 5 घंटे तक नहीं लिखी गई रिपोर्ट, कांग्रेस नेताओं की भूमिका

Written by:Rishabh Namdev
Published:
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में वन विभाग की टीम पर हमले का मामला सामने आया है। दरअसल आरोप है कि अवैध पत्थर ले जा रहे ट्रैक्टर को रोकने पर वन अमले के साथ मारपीट की गई है। साथ ही राजनीतिक दबाव में ट्रैक्टर छुड़ा लिया गया है। वहीं घटना में कांग्रेस नेता के भाई और भतीजे के शामिल होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
वन विभाग की टीम पर माफिया का हमला, थाने में 5 घंटे तक नहीं लिखी गई रिपोर्ट, कांग्रेस नेताओं की भूमिका

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के धरमपुर वन परिक्षेत्र में वन विभाग की टीम पर हमले का मामला सामने आया है। दरअसल अवैध पत्थर ले जा रहे ट्रैक्टर को पकड़ने पर कुछ लोगों ने वन कर्मचारियों के साथ मारपीट की और ट्रैक्टर को जबरन छुड़ा ले गए। वहीं इस घटना में कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय का नाम भी सामने आया है। वन विभाग के अनुसार यह घटना 23 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11 बजे हुई। उस समय अजयगढ़ रेंज के अधिकारी वैभव सिंह चंदेल के निर्देशन में वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी।

दरअसल गश्त पर गई टीम में कार्यवाहक वनपाल महीप कुमार रावत, वनरक्षक रामखगेश पटेल और कई सुरक्षा श्रमिक शामिल थे। वहीं गश्त के दौरान करतल रोड के पास पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली संदिग्ध हालत में दिखी। जब टीम ने वाहन रोकने की कोशिश की तो चालक तेज रफ्तार में भागने लगा।

वन अमले से मारपीट का आरोप

वहीं वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टर का पीछा किया और उसे बीट सिल्हाई के कक्ष क्रमांक आर-26 के पास रोक लिया। पूछताछ में चालक जयकरण अहिरवार ने बताया कि उसके पास पत्थर ले जाने के लिए कोई वैध कागज नहीं हैं। साथ ही उसने यह भी कहा कि वह पिष्टा जंगल क्षेत्र से पत्थर भरकर ला रहा था और यह काम लखनलाल पांडेय उर्फ छोटा मुन्ना के कहने पर कर रहा था।

दरअसल वन अधिकारियों के मुताबिक इसी दौरान लखन लाल पाण्डेय और उनके बेटे सोलू पांडेय मौके पर पहुंचे और उन्होंने वन अमले के साथ अभद्र व्यवहार किया। दोनों ने कर्मचारियों को धक्का दिया, वर्दी पकड़कर खींचा और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके साथ ही शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने डिप्टी अधिकारी की जेब से ट्रैक्टर की चाबी और मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन मौके से भगा दिया गया। वन विभाग ने इस मामले को गंभीर बताते हुए थाना अजयगढ़ में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

राजनीतिक दबाव की बात भी सामने आई

वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय का नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान वह भी मौके पर पहुंचे और कथित तौर पर आरोपियों का समर्थन करते हुए वन कर्मचारियों को धमकी दी। बताया जा रहा है कि भरत मिलन पाण्डेय 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रह चुके हैं। इससे पहले भी उनका नाम रेत खनन से जुड़े विवादों में सामने आ चुका है। वर्ष 2019 में अजयगढ़ में रेत से भरे डंपर को छुड़ाने को लेकर प्रशासन और राजनीतिक नेताओं के बीच टकराव हुआ था जो उस समय प्रदेशभर में चर्चा में रहा था। बीट गार्ड पिष्टा ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और वन अपराध प्रकरण क्रमांक 44421/25 दर्ज किया गया है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
Follow Us :GoogleNews