कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत, तेलंगाना हाईकोर्ट ने दी एक हफ्ते की अग्रिम जमानत, असम सीएम की पत्नी पर लगाए थे गंभीर आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाईकोर्ट से एक हफ्ते की अग्रिम जमानत मिल गई है। यह राहत असम पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले में मिली है, जहां उन पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाने का आरोप है। खेड़ा को इस दौरान संबंधित कोर्ट में नियमित जमानत के लिए आवेदन करना होगा।
Pawan Khera

तेलंगाना हाईकोर्ट ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को असम पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले में एक हफ्ते की अग्रिम जमानत दे दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट की जज न्यायमूर्ति सुजाना कलासिकम ने यह राहत दी। कोर्ट ने खेड़ा को निर्देश दिया है कि इस एक हफ्ते के भीतर वे संबंधित कोर्ट में जाकर नियमित जमानत के लिए आवेदन करें। इस दौरान उन्हें कुछ तय शर्तों के साथ गिरफ्तारी से सुरक्षा मिलेगी।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला असम पुलिस से जुड़ा है, जिसने पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा को लेकर गंभीर दावे किए थे। खेड़ा ने 5 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेश में भी संपत्तियां हैं, जिनकी जानकारी उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं दी है। इस आरोप ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया था।

इन्हीं आरोपों के चलते असम पुलिस और दिल्ली पुलिस की टीमें पवन खेड़ा से पूछताछ के लिए उनके आवास पर पहुंची थीं। हालांकि, उस समय खेड़ा अपने घर पर नहीं मिले। पुलिस की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की पत्नी पर तीन विदेशी पासपोर्ट रखने के आरोप के संदर्भ में की जा रही थी। पुलिस की इस सक्रियता को देखते हुए पवन खेड़ा ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए तेलंगाना उच्च न्यायालय का रुख किया था।

अदालत में दाखिल अपने आवेदन में खेड़ा ने अपना आवासीय पता हैदराबाद बताया था। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो उन्हें राहत दी जाए। सूत्रों के मुताबिक, पवन खेड़ा का तेलंगाना से पारिवारिक संबंध है और हैदराबाद में उनका निजी निवास भी है। इसके अलावा, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार होने को भी उनके इस कदम से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि न्यायिक प्रक्रिया में उन्हें कुछ आसानी मिल सकती है।

मामले ने तब और तूल पकड़ा जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिंकी सरमा पर सीधे-सीधे आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया था कि रिंकी सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके समर्थकों के पास ऐसे पुख्ता दस्तावेज हैं जो इस कथित खुलासे को साबित करते हैं। खेड़ा ने इन आरोपों को स्वतंत्र भारत की राजनीति में एक ‘बड़ा मामला’ बताया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से उठा रहे थे।

मुख्यमंत्री सरमा ने पवन खेड़ा के आरोपों को किया खारिज

हालांकि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पवन खेड़ा के सभी आरोपों को तुरंत सिरे से खारिज कर दिया था। सरमा ने इन्हें पूरी तरह से निराधार, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा सिर्फ जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। मुख्यमंत्री ने पहले एक तंज भी कसा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो व्यक्ति पहले गिरफ्तारी की चुनौती दे रहा था, वही अब पुलिस जांच से बचने के लिए हैदराबाद भाग गया है। यह बयान खेड़ा के तेलंगाना हाई कोर्ट जाने के बाद आया था और इसमें राजनीतिक बयानबाजी साफ झलक रही थी।

तेलंगाना हाईकोर्ट से मिली यह अग्रिम जमानत पवन खेड़ा के लिए एक अस्थायी राहत है। यह उन्हें गिरफ्तारी से बचाएगी, लेकिन उन्हें एक हफ्ते के भीतर असम या संबंधित कोर्ट में जाकर नियमित जमानत के लिए औपचारिक आवेदन करना होगा। कोर्ट ने इस दौरान उन पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा। अब देखना होगा कि पवन खेड़ा अगले कदम के तौर पर क्या रणनीति अपनाते हैं और नियमित जमानत के लिए किस कोर्ट में आवेदन करते हैं। यह मामला आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक रंग ले सकता है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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