लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को चर्चा, 118 विपक्षी सांसदों ने लगाया है पक्षपात का आरोप

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार दोपहर सवा बारह बजे से चर्चा शुरू होगी। यह चर्चा दो दिनों तक चलेगी, जिसकी शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे और बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसका जवाब देंगे। विपक्ष ने स्पीकर पर सदन में निष्पक्ष व्यवहार न करने का आरोप लगाया है।
Om Birla

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नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर मंगलवार को सदन में गहमागहमी देखने को मिल सकती है। इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर दोपहर करीब 12:15 बजे से चर्चा शुरू होने वाली है, जो दो दिनों तक जारी रहेगी। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने इस चर्चा के लिए अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है।

चर्चा की शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इस प्रस्ताव के खिलाफ एक मजबूत पक्ष रखने की तैयारी है। पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेताओं और प्रखर वक्ताओं को इस बहस में उतारने का फैसला किया है।

विपक्ष का आरोप और प्रस्ताव की वजह

विपक्ष का मुख्य आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सदन का संचालन निष्पक्ष तरीके से नहीं करते और केवल सत्ता पक्ष का समर्थन करते हैं। इसी आधार पर कांग्रेस, DMK, समाजवादी पार्टी और वाम दलों समेत विभिन्न विपक्षी दलों के 118 सांसदों ने हस्ताक्षर कर यह नोटिस दिया था।

दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, लेकिन बाद में पार्टी ने विपक्ष के साथ एकजुटता दिखाते हुए प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया। कांग्रेस के तीन सदस्य— मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लू रवि- इस प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखेंगे।

सत्ता पक्ष की तरफ से ये नेता रखेंगे बात

बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों का जोरदार जवाब देने के लिए अपने कई प्रमुख चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष रखने वालों में प्रमुख नाम हैं:

  • किरेन रिजिजू
  • रविशंकर प्रसाद
  • निशिकांत दुबे
  • तेजस्वी सूर्या
  • जगदंबिका पाल
  • अनुराग ठाकुर
  • भर्तृहरि महताब

चर्चा के समापन पर बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के सभी सवालों और आरोपों का जवाब देंगे।

सोमवार को हंगामे के कारण टल गई थी चर्चा

यह प्रस्ताव सोमवार को ही चर्चा के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन विपक्ष पश्चिम एशिया के हालात पर तत्काल चर्चा की मांग पर अड़ गया। इस मुद्दे पर लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा और अंत में दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया, जिससे यह महत्वपूर्ण चर्चा नहीं हो सकी।

बजट सत्र के पहले चरण में यह नोटिस दिए जाने के बाद से ही ओम बिरला ने खुद को सदन की अध्यक्षता से अलग कर लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक इस अविश्वास प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता, वह स्पीकर की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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