
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने संसद में पेश किए गए नए क्रिमिनल नेता बिल को भारत में लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया है। चेन्नई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य सरकारों के अधिकार छीन रही है और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इस बिल को कभी भी कानून बनने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यह बिल न केवल राज्यों के लिए, बल्कि पूरे भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा है।
उदयनिधि ने कहा कि हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह की ओर से जल्दबाजी में बिल पेश किया गया। इसके तहत अगर कोई मंत्री या मुख्यमंत्री किसी अपराध में 30 दिनों तक जेल में रहता है, तो उसे सत्ता से हटाया जा सकता है, भले ही वह जनता द्वारा चुना गया हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम राज्यों की स्वायत्तता पर हमला है और संविधान से प्राप्त राज्यों और केंद्र सरकारों के अधिकारों का उल्लंघन है।
डॉ. बीआर आंबेडकर का हवाला
उदयनिधि स्टालिन ने संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि संविधान में स्पष्ट रूप से केंद्र और राज्य सरकारों को समान दर्जा दिया गया है। उदयनिधि ने बताया कि डीएमके ने 2021 में सत्ता में आने के बाद से केंद्र सरकार को केंद्रीय सरकार के बजाय संघ सरकार कहना शुरू किया, क्योंकि संविधान में इसे केवल संघ और राज्य के रूप में परिभाषित किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों का काम एक-दूसरे के साथ समन्वय करना है, न कि एक को दूसरे के अधीन करना।
राज्य की स्वायत्तता को मजबूती
उदयनिधि ने आगे कहा कि डीएमके ने राज्य की स्वायत्तता को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं और भारतीय संविधान में संशोधन कर राज्यों को और अधिक अधिकार देने की मांग की है। हाल ही में संपन्न मानसून सत्र में गृह मंत्री अमित शाह ने क्रिमिनल नेता बिल पेश किया, जो बिना दोषसिद्धि के भी 30 दिनों तक हिरासत में रहने वाले प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या अन्य मंत्रियों को उनके पद से हटाने की शक्ति प्रदान करता है।
