उदित राज ने राहुल गांधी की तुलना बाबासाहेब आंबेडकर से की, बोले- ओबीसी को समझना होगा कि…

उदित राज ने एएनआई से बात करते हुए कहा, "ओबीसी को यह समझना होगा कि इतिहास बार-बार प्रगति के अवसर नहीं देता।"
उदित राज ने राहुल गांधी की तुलना बाबासाहेब आंबेडकर से की, बोले- ओबीसी को समझना होगा कि…

कांग्रेस नेता उदित राज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तुलना बाबासाहेब आंबेडकर से की। उन्होंने कहा कि अगर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) उनके विचारों को समझे तो राहुल गांधी उनके लिए दूसरा आंबेडकर साबित होंगे। उन्होंने तेलंगाना में जातिगत जनगणना को समाज का एक्स-रे बताते हुए कहा कि राहुल गांधी इसे पूरे देश में लागू करना चाहते हैं। उदित राज ने कहा कि राहुल के विचार दूरदर्शी हैं और यदि दलित व पिछड़े वर्ग आगे आएं तो देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक असमानता कम होगी।

उदित राज ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “ओबीसी को यह समझना होगा कि इतिहास बार-बार प्रगति के अवसर नहीं देता। उन्हें तालकटोरा स्टेडियम में भागीदारी न्याय सम्मेलन में राहुल गांधी के बयानों का समर्थन करना चाहिए। यदि वे ऐसा करते हैं तो राहुल गांधी उनके लिए दूसरा आंबेडकर साबित होंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की सोच समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है।

राहुल गांधी का क्या है बयान

शुक्रवार को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित भागीदारी न्याय सम्मेलन में राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि यूपीए सरकार के दौरान जातिगत जनगणना न कराना उनकी गलती थी। उन्होंने कहा कि उस समय वे ओबीसी समुदाय के मुद्दों को पूरी तरह समझ नहीं पाए थे जबकि दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के लिए कांग्रेस ने अच्छा काम किया था। राहुल ने कहा, “अगर मैं उस समय ओबीसी के मुद्दों को समझ पाता तो तब ही जातिगत जनगणना करा लेता। यह मेरी गलती थी, जिसे मैं अब सुधारने जा रहा हूं।”

50% आरक्षण की सीमा हटाने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी जातिगत जनगणना और 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पिछड़े वर्गों के अधिकारों को नकारने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस इन समुदायों के साथ खड़ी है। खड़गे ने जोर देकर कहा कि ओबीसी समुदाय की आवाज तभी सुनी जाएगी, जब वे सत्ता में चुने जाएंगे।

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