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राज्य के शिक्षकों-कर्मियों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा चौथे समयमान वेतनमान का लाभ! जल्द कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव, जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी?

Written by:Pooja Khodani
Published:
स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों का चौथे समयमान वेतनमान का लंबा इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। वित्त विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है और अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।
राज्य के शिक्षकों-कर्मियों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा चौथे समयमान वेतनमान का लाभ! जल्द कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव, जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी?

मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों कर्मियों के लिए अच्छी खबर है। चौथे समयमान वेतनमान का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। खबर है कि स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है जिसे जल्द कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।इसके बाद शिक्षकों कर्मियों की सैलरी में 3 से 7 हजार तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।

दरअसल, पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार ने शिक्षकों को चौथा समयमान वेतनमान देने का ऐलान किया था लेकिन मप्र विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव के चलते मामला अधर में अटक गया हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग ने फिर से इसका प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा था जहां से स्वीकृति मिल गई है ।अब कैबिनेट की मंजूरी के लिए फाइल को मुख्य सचिव कार्यालय भेजा गया है।

अगली कैबिनेट में आ सकता है प्रस्ताव

संभावना है कि 3 जून को पचमढ़ी में होने वाली अगली मोहन कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जा सकता है। मंजूरी मिलने के बाद  विभाग द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे। इस फैसले से शिक्षकों की सैलरी 3 से 7 हजार तक वृद्धि होगी।इसका लाभ 1.50 लाख से ज्यादा शिक्षकों कर्मियों को मिलेगा।शिक्षकों के लिए यह लाभ प्राथमिक, माध्यमिक, सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, और प्रधानाध्यापक संवर्गों में लागू होगा।इससे 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

जानिए किसकी कितनी बढ़ेगी सैलरी

चौथे समयमान वेतनमान से शिक्षकों को 3,000 से 7,000 रुपये तक का मासिक लाभ होने का अनुमान है।यह लाभ 7वें वेतनमान के आधार पर लागू होगा, जिसमें ग्रेड पे और वेतन स्तर के अनुसार वृद्धि होगी।इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, और उज्जैन में सबसे ज्यादा शिक्षक चौथे समयमान वेतनमान के पात्र हैं। इंदौर में 15,000 से अधिक शिक्षक, भोपाल में 12,000, ग्वालियर में 10,000, जबलपुर में 9,000, और उज्जैन में 8,000 शिक्षक इस योजना के दायरे में आते हैं।

  • प्राथमिक शिक्षक 3,000 तक (40,000 शिक्षक)
  • माध्यमिक शिक्षक 3,000-4,500 (52,000 शिक्षक)
  • सहायक शिक्षक 4,000-5,000 (20,000 शिक्षक)
  • उच्च श्रेणी शिक्षक 5,000-7,000 (10,000 शिक्षक)
  • प्रधानाध्यापक 6,000-7,000 (10,000 शिक्षक)
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 9 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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