
Central Govt Employees NPS/OPS: केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। 4% DA/DR वृद्धि के बाद कर्मचारियों को नए साल से पहले एक और तोहफा मिल सकता है। खबर है कि लोकसभा चुनाव से पहले केन्द्र की मोदी सरकार राष्ट्रीय पेंशन योजना में संशोधन करने की तैयारी में है, इसके लिए आंध्र प्रदेश के पेंशन मॉडल पर विचार किया जा रहा है।इसके तहत कर्मचारियों को पुरानी स्कीम जैसा लाभ दिया जा सकता है। संभावना है कि 2024 से पहले मोदी सरकार नई योजना की घोषणा कर सकती है। बता दे कि देशभर में NPS जनवरी 2004 के बाद केंद्र सरकार में शामिल होने वाले सशस्त्र बलों के कर्मचारियों को छोड़कर सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू है।
आंध्र प्रदेश मॉडल पर हो रहा है विचार
दरअसल, पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में OPS बहाली होने के बाद देशभर में पुरानी पेंशन योजना की मांग ने जोर पकड़ रखा है। कर्मचारी संगठनों ने OPS को लागू करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले OPS ना लागू कर राष्ट्रीय पेंशन योजना में ही बदलाव की चर्चाएं शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,मोदी सरकार NPS में बदलाव की तैयारी में है, इसके लिए वित्त मंत्रालय आंध्र प्रदेश मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहा है। इसके लिए वर्तमान में मामले की जांच कर रही एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों पर सरकार बदलाव करने की तैयारी में है।
क्या मिलेगा फायदा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केन्द्रीय समिति पेंशन योजना के तौर-तरीकों पर काम कर रही है, इसके हर पहलू पर बारीकी से विचार किया जा रहा है, जो मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश मॉडल पर आधारित है। आंध्र मॉडल के तहत कर्मचारी के अंतिम मूल वेतन के 40-50% के आधार पर पेंशन की गारंटी देता है। प्रस्तावित योजना बाजार से जुड़ी होगी, जिसमें सरकार पेंशन कोष में किसी भी कमी को पूरा करेगी। कर्मचारी पहले की तरह योगदान देते रहेंगे, जबकि सरकार का योगदान बढ़ेगा।वर्तमान में कर्मचारी अपने मूल वेतन का 10% NPS में योगदान करते हैं, जबकि सरकार NPS खाते में 14% डालती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि नई योजना आंध्र योजना की तरह DA से जुड़ी होगी या नहीं।
जानिए क्या अंतर है OPS और NPS में
- OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है। OPS में हर साल दो बार DA भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।
- OPS के विपरीत नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।ओपीएस में कर्मचारियों के लिए 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाता है। OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है।OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
- NPS नई पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14 फीसदी का ही योगदान देती है।नई पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है। सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।
- NPS शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।पेंशन कमीशन के लागू होने पर पेंशन रिवाइज्ड होने का फायदा भी रिटायर कर्मचारी को मिलता है।न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

